चिकिता तनिपार्थी ने दो स्वर्ण में निभाई अहम भूमिका; महिला टीम ने चीन को 238-234 से हराया, मिक्स्ड टीम ने शूट-ऑफ में दक्षिण कोरिया को दी मात
नागोया। एशियन गेम्स 2026 के 12वें दिन भारत के लिए तीरंदाजी से शानदार खबर आई। भारतीय कंपाउंड तीरंदाजों ने बुधवार को एक ही दिन में दो स्वर्ण पदक जीतकर देश का परचम लहरा दिया। पहले महिला कंपाउंड टीम ने चीन को हराकर गोल्ड अपने नाम किया। इसके बाद चिकिता तनिपार्थी और साहिल जाधव की भारतीय जोड़ी ने मिक्स्ड टीम फाइनल में दक्षिण कोरिया को शूट-ऑफ में हराकर दिन का दूसरा स्वर्ण पदक दिलाया।
इन दोनों जीत के साथ भारत की एशियन गेम्स 2026 में कुल स्वर्ण पदकों की संख्या 8 हो गई। तीरंदाजी के पदकों ने भारत की पदक तालिका में भी अहम इजाफा किया है।
महिला कंपाउंड टीम ने चीन को हराकर जीता गोल्ड
दिन की शुरुआत भारत की महिला कंपाउंड टीम के स्वर्ण से हुई। ज्योति सुरेखा वेन्नम, पृथिका प्रदीप और चिकिता तनिपार्थी की भारतीय तिकड़ी ने फाइनल में चीन को 238-234 से हराया।
भारतीय टीम ने मुकाबले की शुरुआत से ही दबाव बनाए रखा और लगातार सटीक निशाने लगाते हुए चीन को पीछे रखा। चारों एंड के बाद भारत ने 238 अंक जुटाए, जबकि चीन 234 अंक तक पहुंच सका।
खास बात यह रही कि भारत का 238 का स्कोर इस इवेंट के विश्व रिकॉर्ड की बराबरी करने वाला प्रदर्शन रहा। भारत ने इस जीत के साथ महिला कंपाउंड टीम स्पर्धा में अपना खिताब भी बरकरार रखा।
सेमीफाइनल में दक्षिण कोरिया को भी हराया था
फाइनल से पहले भारतीय महिला टीम को सेमीफाइनल में दक्षिण कोरिया की मजबूत टीम की चुनौती मिली थी। मुकाबला बेहद करीबी रहा, लेकिन भारतीय तिकड़ी ने 235-233 से जीत दर्ज कर फाइनल में जगह बनाई।
इस जीत के बाद फाइनल में चीन के खिलाफ भारतीय टीम ने दबाव के बावजूद अपनी लय कायम रखी और 238-234 के अंतर से स्वर्ण पदक पर कब्जा कर लिया।
मिक्स्ड टीम में चिकिता-साहिल की रोमांचक जीत
महिला टीम के गोल्ड के बाद भारतीय प्रशंसकों को दूसरे स्वर्ण के लिए ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ा। चिकिता तनिपार्थी और साहिल जाधव की भारतीय जोड़ी ने कंपाउंड मिक्स्ड टीम फाइनल में दक्षिण कोरिया के योंघी चोई और पार्क जंगयून का सामना किया।
नियमित चार एंड के बाद दोनों टीमें 157-157 की बराबरी पर रहीं। इसके बाद मुकाबले का फैसला शूट-ऑफ से हुआ। शूट-ऑफ में भारतीय जोड़ी ने 20 अंक हासिल किए, जबकि दक्षिण कोरिया की जोड़ी 19 अंक ही बना सकी। इस तरह भारत ने 20-19 से शूट-ऑफ जीतकर गोल्ड अपने नाम कर लिया।
एक दिन में दो गोल्ड, चिकिता के नाम दोहरी सफलता
इस दिन की भारतीय सफलता में चिकिता तनिपार्थी का प्रदर्शन विशेष रहा। वह महिला कंपाउंड टीम में ज्योति सुरेखा वेन्नम और पृथिका प्रदीप के साथ स्वर्ण जीतने वाली टीम का हिस्सा रहीं और बाद में साहिल जाधव के साथ मिक्स्ड टीम का गोल्ड भी जीता।
यानी एक ही दिन में चिकिता ने भारत के लिए दो स्वर्ण पदक जीतने में योगदान दिया।
भारत की पदक तालिका में भी बड़ा इजाफा
महिला कंपाउंड टीम के गोल्ड के बाद भारत के पदकों की संख्या 54 पहुंच गई थी। इसके बाद मिक्स्ड टीम के स्वर्ण ने भारत को 55वें पदक तक पहुंचाया। बुधवार के दूसरे गोल्ड के साथ भारत के स्वर्ण पदकों की संख्या 8 हो गई।
एशियन गेम्स 2026 में भारत के लिए तीरंदाजी इस बार भी महत्वपूर्ण पदक स्रोत बनी हुई है। 2023 हांगझोउ एशियन गेम्स में भारत ने कंपाउंड तीरंदाजी के सभी पांच स्वर्ण पदक जीते थे, और इस बार भी भारतीय कंपाउंड टीमों ने खिताब की रक्षा की शुरुआत शानदार तरीके से की है।
महिला टीम की जीत ने बनाया यादगार दिन
भारत के लिए बुधवार का दिन इसलिए भी खास रहा क्योंकि तीरंदाजी के पदक मुकाबलों के पहले ही दिन महिला टीम और मिक्स्ड टीम दोनों ने स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिए। महिला टीम ने चीन के खिलाफ 238-234 की जीत दर्ज की, जबकि मिक्स्ड टीम ने दक्षिण कोरिया को नियमित मुकाबले में 157-157 से रोकने के बाद शूट-ऑफ में 20-19 से मात दी।
भारतीय तीरंदाजों की इस सफलता ने एशियन गेम्स 2026 में देश की पदक उम्मीदों को और मजबूत किया है। प्रतियोगिता अभी जारी है और भारतीय खिलाड़ी आने वाले मुकाबलों में भी पदकों के लिए चुनौती पेश कर रहे हैं।



