अड़गड़ी के पास निर्माणाधीन लोक निर्माण विभाग पुल की एप्रोच बारिश में पूरी तरह बह गई, राजापड़ाव क्षेत्र के ग्रामीणों के सामने आवागमन और आपातकालीन सेवाओं का संकट
मैनपुर। गरियाबंद जिले के मैनपुर विकासखंड के दूरस्थ राजापड़ाव क्षेत्र में तेज बारिश ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। ग्राम अड़गड़ी के पास निर्माणाधीन लोक निर्माण विभाग पुल की एप्रोच सड़क भारी बारिश और तेज पानी के बहाव में पूरी तरह बह गई। एप्रोच बहने के बाद राजापड़ाव क्षेत्र की करीब 8 ग्राम पंचायतों का मैनपुर विकासखंड मुख्यालय से संपर्क प्रभावित हो गया है।
पुल की एप्रोच बह जाने के कारण ग्रामीणों के सामने अब रोजमर्रा के आवागमन के साथ-साथ आपातकालीन परिस्थितियों में भी बड़ी परेशानी खड़ी हो गई है। नदी-नालों में पानी बढ़ने के दौरान ग्रामीणों के लिए मुख्य मार्ग तक पहुंचना मुश्किल हो रहा है।
मिट्टी डालकर बराबर की गई थी एप्रोच
ग्रामीणों के अनुसार पिछले बारिश के मौसम के बाद पुल की एप्रोच वाली जगह पर मिट्टी डालकर रास्ते को समतल किया गया था। उस समय भी ग्रामीणों ने आशंका जताई थी कि यदि एप्रोच को मजबूत तरीके से तैयार नहीं किया गया तो बारिश में दोबारा रास्ता बह सकता है।
अब तेज बारिश के बाद वही स्थिति सामने आ गई है। एप्रोच का बड़ा हिस्सा पानी के तेज बहाव में बह गया, जिससे पुल तक पहुंचने वाला रास्ता ही बाधित हो गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि एप्रोच को मिट्टी से समतल करने के बजाय स्थायी रूप से पक्के निर्माण, उचित सुरक्षा व्यवस्था और सीमेंट-कंक्रीट से मजबूत किया गया होता, तो बारिश में इस तरह रास्ता बहने की स्थिति शायद नहीं बनती। हालांकि, एप्रोच निर्माण में वास्तविक तकनीकी प्रावधान, स्वीकृत डिजाइन और उपयोग की गई सामग्री की जांच संबंधित विभाग ही कर सकता है।
आपातकालीन स्थिति में बढ़ी परेशानी
सड़क और पुल की एप्रोच खराब होने का सबसे बड़ा असर आपातकालीन सेवाओं पर पड़ने की आशंका है। गर्भवती महिलाओं, बीमार लोगों या दुर्घटना की स्थिति में 108 एंबुलेंस, 102 महतारी एक्सप्रेस और अन्य आवश्यक वाहनों को प्रभावित मार्ग से गुजरने में परेशानी हो सकती है।
राजापड़ाव क्षेत्र पहले से ही दुर्गम वनांचल क्षेत्र माना जाता है। जून 2024 में जिला प्रशासन ने भी राजापड़ाव और शोभा क्षेत्र के गांवों में नदी-नालों पर पुल-पुलियों की आवश्यकता को लेकर अधिकारियों के साथ समीक्षा की थी तथा बारहमासी आवागमन के लिए सड़क एवं पुल-पुलिया संबंधी कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए थे।
पहले भी अड़गड़ी क्षेत्र में पुलिया की समस्या सामने आ चुकी है
अड़गड़ी क्षेत्र में पुल-पुलिया की समस्या नई नहीं है। पूर्व की एक स्थानीय रिपोर्ट में अड़गड़ी के आश्रित ग्राम पेंड्रा के मार्ग पर गोहटार नाला में बनी पुलिया के क्षतिग्रस्त होने से ग्रामीणों को परेशानी का उल्लेख किया गया था। रिपोर्ट में बरसात के दौरान तेज बहाव से आवागमन प्रभावित होने की बात कही गई थी।
ऐसे में वर्तमान में लोक निर्माण विभाग पुल की एप्रोच बह जाने से ग्रामीणों की चिंता और बढ़ गई है।
8 ग्राम पंचायतों के सामने आवागमन का संकट
राजापड़ाव क्षेत्र के ग्रामीणों का कहना है कि इस मार्ग का इस्तेमाल बड़ी संख्या में ग्रामीण मैनपुर मुख्यालय तक आने-जाने के लिए करते हैं। सड़क संपर्क बाधित होने का असर स्कूल, स्वास्थ्य सुविधा, राशन, बाजार और सरकारी कामकाज तक पहुंच पर पड़ सकता है।
2024 में भी राजापड़ाव क्षेत्र की 8 ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों ने सड़क, पुल-पुलिया, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य मूलभूत सुविधाओं को लेकर प्रशासन के सामने अपनी समस्याएं रखी थीं।
सवाल—स्थायी समाधान कब?
ग्रामीणों का कहना है कि हर साल बारिश के दौरान सड़क और पुल-पुलिया से जुड़ी समस्याएं सामने आती हैं। अस्थायी तौर पर मिट्टी डालकर रास्ता बहाल करने के बजाय यदि पुल की एप्रोच और सुरक्षा व्यवस्था को स्थायी रूप से मजबूत किया जाए तो बार-बार होने वाली परेशानी से राहत मिल सकती है।
अब ग्रामीणों की मांग है कि संबंधित विभाग मौके का तत्काल निरीक्षण करे, एप्रोच की वास्तविक स्थिति का तकनीकी आकलन कर बारिश के पानी के दबाव को देखते हुए स्थायी एवं सुरक्षित एप्रोच का निर्माण कराया जाए। साथ ही जब तक स्थायी समाधान नहीं होता, तब तक आवागमन बहाल करने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाए।
लोक निर्माण विभाग के तहत सड़कों और पुलों की प्रगति संबंधी आधिकारिक जानकारी केंद्र के OMMAS पोर्टल पर उपलब्ध कराई जाती है। जुलाई 2026 की केंद्र सरकार की जानकारी के अनुसार लोक निर्माण विभाग के विभिन्न वर्टिकल के तहत सड़क एवं पुल निर्माण की प्रगति की निगरानी की जाती है।
फिलहाल तेज बारिश के बीच पुल की एप्रोच बहने से राजापड़ाव क्षेत्र के ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। अब देखना होगा कि विभाग इस मार्ग को कब तक सुरक्षित और सुचारु कर पाता है।




