1 से 8वीं तक की कक्षाओं के लिए मात्र 3 कमरे, फिर भी नहीं रुकी बच्चों की उड़ान
मैनपुर। विकासखंड मुख्यालय मैनपुर से लगभग 22 किलोमीटर दूर उदंती-सीतानदी अभयारण्य के प्रवेश द्वार पर स्थित आदिवासी बालक आश्रम माध्यमिक शाला, तौरेंगा ने एक बार फिर अपनी शैक्षणिक गुणवत्ता का परिचय दिया है। विद्यालय की छात्रा कु. करिश्मा का चयन राज्य शासन के प्रतिष्ठित प्रयास आवासीय विद्यालय के लिए हुआ है। यह उपलब्धि न केवल छात्रा और उसके परिवार के लिए बल्कि पूरे विद्यालय और क्षेत्र के लिए गर्व का विषय बन गई है।
प्रयास आवासीय विद्यालय राज्य शासन द्वारा संचालित एक प्रतिष्ठित आवासीय शिक्षा योजना है, जिसके माध्यम से दूरस्थ एवं आदिवासी क्षेत्रों के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जाते हैं।
संसाधनों का अभाव, लेकिन हौसलों की कोई कमी नहीं
वनांचल क्षेत्र में स्थित यह विद्यालय स्वयं कई चुनौतियों से जूझ रहा है। कक्षा पहली से आठवीं तक संचालित स्कूल में विद्यार्थियों के अध्ययन के लिए केवल तीन कमरे उपलब्ध हैं। शिक्षकों के लिए अलग कार्यालय अथवा स्टाफ रूम जैसी बुनियादी सुविधाएं भी नहीं हैं।
इसके बावजूद विद्यालय के शिक्षक बच्चों की शिक्षा और उनके सर्वांगीण विकास के लिए लगातार प्रयासरत हैं। सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बीच करिश्मा की सफलता इस बात का प्रमाण है कि दृढ़ संकल्प, मेहनत और सही मार्गदर्शन के बल पर किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
लगातार दूसरे वर्ष मिली बड़ी सफलता
तौरेंगा आश्रम शाला लगातार उत्कृष्ट परिणाम देकर क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बना रही है। गत वर्ष भी इसी विद्यालय के दो आदिवासी विद्यार्थियों का चयन प्रयास विद्यालय राजनांदगांव के लिए हुआ था। दोनों छात्र वर्तमान में वहां रहकर उच्च स्तरीय शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।
लगातार दूसरे वर्ष विद्यार्थियों का प्रयास विद्यालय में चयन होना विद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता और शिक्षकों की मेहनत को दर्शाता है। दुर्गम क्षेत्र के इस स्कूल से निकलकर राज्य स्तरीय प्रतिष्ठित संस्थान तक पहुंचना विद्यार्थियों के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
प्रतिभा संसाधनों की मोहताज नहीं
करिश्मा की सफलता ने यह साबित कर दिया है कि प्रतिभा किसी भवन, संसाधन या सुविधाओं की मोहताज नहीं होती। यदि विद्यार्थियों को सही दिशा, प्रोत्साहन और शिक्षकों का मार्गदर्शन मिले तो वे किसी भी परिस्थिति में सफलता की नई ऊंचाइयों तक पहुंच सकते हैं।
ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए करिश्मा की उपलब्धि प्रेरणा का स्रोत बन गई है। उसकी सफलता यह संदेश देती है कि कठिन परिस्थितियां लक्ष्य प्राप्ति की राह में बाधा नहीं बल्कि आगे बढ़ने की प्रेरणा बन सकती हैं।
विद्यालय परिवार में खुशी का माहौल
छात्रा कु. करिश्मा के प्रयास आवासीय विद्यालय में चयन होने पर विद्यालय परिवार में हर्ष का वातावरण है। इस उपलब्धि पर स्कूल के समस्त शिक्षकों— तुलसी साहू, साजिद बेग, कल्पना यादव, भोमराज देवांगन, बनवाली मरकाम, पूर्णिमा बारले, महेश नेताम और प्रेम लता सहित पूरे शाला परिवार ने छात्रा को बधाई देते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
विद्यालय प्रबंधन ने विश्वास जताया है कि करिश्मा आगे भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर क्षेत्र और प्रदेश का नाम रोशन करेगी।



