स्वामी आत्मानंद स्कूल मैनपुर में विद्यार्थियों और शिक्षकों को साइबर ठगी, नशा मुक्ति व यातायात नियमों की दी जानकारी
राधे पटेल / गरियाबंद मैनपुर। साइबर अपराध के बढ़ते मामलों और ऑनलाइन ठगी
से आम लोगों को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से पुलिस द्वारा लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में 10 अगस्त 2026 को एसडीओपी गोपाल वैश्य के मार्गदर्शन में मैनपुर पुलिस ने स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय, मैनपुर में पहुंचकर विद्यार्थियों एवं शिक्षक-शिक्षिकाओं को साइबर अपराध, नशा मुक्ति और यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया।
एसडीओपी गोपाल वैश्य के हमराह थाना प्रभारी मैनपुर एवं पुलिस स्टाफ ने स्कूल पहुंचकर छात्र-छात्राओं और शिक्षक स्टाफ से संवाद किया। इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने साइबर अपराध के विभिन्न तरीकों की जानकारी देते हुए विद्यार्थियों को ऑनलाइन दुनिया में बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में विस्तार से बताया।
अनजान लिंक और कॉल से रहें सावधान
जागरूकता कार्यक्रम के दौरान पुलिस ने बताया कि साइबर ठग अलग-अलग तरीकों से लोगों को अपने जाल में फंसाते हैं। कभी बैंक अधिकारी बनकर, तो कभी केवाईसी अपडेट, लॉटरी, नौकरी, इनाम, ऑनलाइन गेमिंग या अन्य बहानों से लोगों से गोपनीय जानकारी हासिल करने का प्रयास किया जाता है।
विद्यार्थियों को विशेष रूप से समझाया गया कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, ATM/डेबिट कार्ड की जानकारी, PIN, पासवर्ड या बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी साझा न करें। अनजान नंबर से आए संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से भी बचें और किसी भी प्रकार की ऑनलाइन ठगी या संदिग्ध गतिविधि होने पर तत्काल अपने परिजनों और पुलिस को इसकी जानकारी दें।
साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 पर करें शिकायत
पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों और स्कूल स्टाफ को साइबर अपराध की स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 के बारे में भी जानकारी दी। बताया गया कि साइबर ठगी का शिकार होने पर समय गंवाए बिना 1930 पर शिकायत करना महत्वपूर्ण है, ताकि ठगी की रकम को रोकने की कार्रवाई जल्द शुरू की जा सके।
पुलिस ने विद्यार्थियों से कहा कि वे स्वयं जागरूक रहने के साथ-साथ अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी साइबर अपराध से बचाव के प्रति जागरूक करें।
नशे से दूर रहने का दिया संदेश
कार्यक्रम के दौरान पुलिस ने विद्यार्थियों को नशा मुक्ति का संदेश भी दिया। अधिकारियों ने कहा कि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य के साथ-साथ उसके परिवार और सामाजिक जीवन को भी प्रभावित करता है। युवाओं को नशे से दूर रहकर शिक्षा, खेल और सकारात्मक गतिविधियों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया गया।
पुलिस ने विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि युवा देश का भविष्य हैं और उन्हें अपनी ऊर्जा का उपयोग रचनात्मक कार्यों में करना चाहिए।
यातायात नियमों का पालन करने की अपील
जागरूकता अभियान में यातायात नियमों को लेकर भी विद्यार्थियों को जानकारी दी गई। पुलिस ने सड़क पर वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने, निर्धारित गति से वाहन चलाने, नाबालिगों द्वारा वाहन नहीं चलाने, मोबाइल फोन का उपयोग नहीं करने तथा यातायात संकेतों का पालन करने की समझाइश दी।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि सड़क पर छोटी-सी लापरवाही भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। इसलिए स्वयं यातायात नियमों का पालन करने के साथ परिवार के सदस्यों को भी इसके लिए प्रेरित करना चाहिए।
पुलिस की पहल से विद्यार्थी और शिक्षक हुए जागरूक
कार्यक्रम के दौरान पुलिस टीम ने विद्यार्थियों एवं शिक्षक स्टाफ के साथ संवाद करते हुए उनकी जिज्ञासाओं और सवालों का जवाब भी दिया। साइबर अपराध से जुड़े विभिन्न मामलों की जानकारी देकर उन्हें व्यावहारिक रूप से सावधानियां बरतने के लिए प्रेरित किया गया।
इस जागरूकता अभियान से स्वामी आत्मानंद स्कूल के छात्र-छात्राओं एवं शिक्षक-शिक्षिकाओं ने साइबर अपराध, नशे के दुष्परिणाम और यातायात नियमों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम के अंत में पुलिस ने सभी से साइबर अपराध के प्रति सजग रहने, किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी पुलिस को देने और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने की अपील की।
पुलिस का यह अभियान केवल विद्यार्थियों तक सीमित न रहकर उनके माध्यम से परिवार और समाज तक जागरूकता का संदेश पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।




