रायपुर। छत्तीसगढ़ में श्रमिक परिवारों के बच्चों को शिक्षा के सहारे आगे बढ़ाने की दिशा में मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना उम्मीद की नई किरण बनकर उभरी है। इसी योजना के तहत सिलतरा, रायपुर निवासी पंजीकृत निर्माण श्रमिक सुनील वर्मा की पुत्री तनुजा वर्मा को कक्षा 10वीं की छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की प्रावीण्य सूची में 8वां स्थान प्राप्त करने पर कुल 2 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि मिली है। इस सहायता में 1 लाख रुपये सीधे प्रोत्साहन राशि के रूप में और 1 लाख रुपये दोपहिया वाहन क्रय हेतु प्रदान किए
गए।
सुनील वर्मा ने बताया कि वे छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के पंजीकृत सदस्य हैं और मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। सीमित आय के कारण बेटी की उच्च शिक्षा का खर्च उठाना उनके लिए कठिन था, लेकिन श्रम विभाग की यह योजना उनके परिवार के लिए बड़ी मदद साबित हुई। उन्होंने कहा कि 5 जून 2026 को आयोजित मेधावी छात्र सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री के हाथों यह सहायता राशि प्रदान की गई, जिससे तनुजा की आगे की पढ़ाई के लिए मजबूत आधार तैयार हुआ।
राज्य के श्रम विभाग के अनुसार, मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना 6 जनवरी 2012 से संचालित है। योजना का उद्देश्य पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के मेधावी बच्चों को आर्थिक सहायता देकर उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना है। विभागीय जानकारी के मुताबिक, योजना के तहत 90 दिन पूर्व पंजीकृत निर्माण श्रमिक के पहले दो बच्चों को लाभ दिया जाता है और पात्र विद्यार्थियों को 5,000 रुपये से 1,00,000 रुपये तक की सहायता तथा विदेश में अध्ययन के लिए 50 लाख रुपये तक की सहायता का प्रावधान है।
तनुजा वर्मा की सफलता ने एक बार फिर साबित किया है कि यदि सरकारी सहायता सही समय पर मिले, तो साधारण श्रमिक परिवारों के बच्चे भी बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं। सुनील वर्मा ने इस सहयोग के लिए छत्तीसगढ़ शासन और श्रम विभाग का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना मजदूर परिवारों के बच्चों के सपनों को पंख देने का काम कर रही है।





