मैनपुर। सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में चलाए जा रहे विशेष जन-जागरूकता अभियान के तहत 15 अक्टूबर 2026 को मैनपुर पुलिस ने थाना क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों में पहुंचकर विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा, महिला सुरक्षा, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग तथा यातायात नियमों के संबंध में जागरूक किया। यह अभियान युवाओं और विद्यार्थियों में डिजिटल सुरक्षा तथा कानून के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया। भारत सरकार और विभिन्न संस्थाओं द्वारा भी सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर देशभर में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों को साइबर फ्रॉड, साइबर फिशिंग, डीपफेक, साइबर ब्लैकमेलिंग जैसी ऑनलाइन ठगी और अपराधों से बचाव के उपाय विस्तार से बताए। साथ ही सोशल मीडिया अकाउंट की प्राइवेसी सेटिंग्स मजबूत रखने, किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करने, ओटीपी एवं बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी साझा नहीं करने और संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधियों की तत्काल सूचना पुलिस को देने की सलाह दी।
इस दौरान विद्यार्थियों को अभिव्यक्ति ऐप, सशक्त ऐप और समाधान ऐप के उपयोग की जानकारी भी दी गई। पुलिस ने बताया कि इन डिजिटल प्लेटफॉर्मों के माध्यम से नागरिक विभिन्न प्रकार की शिकायतें दर्ज करा सकते हैं तथा आवश्यकता पड़ने पर पुलिस सहायता आसानी से प्राप्त कर सकते हैं।
पुलिस टीम ने सड़क सुरक्षा पर भी विशेष जोर देते हुए हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने, निर्धारित गति सीमा का पालन करने, नाबालिगों द्वारा वाहन नहीं चलाने तथा यातायात नियमों का पालन करने की अपील की। साथ ही महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा से जुड़े कानूनों और अपराधों की रोकथाम के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी गई।
जागरूकता कार्यक्रम में विद्यार्थियों को विभिन्न आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों की भी जानकारी दी गई, जिनमें डायल 112, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076, महिला हेल्पलाइन 1091, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 तथा वित्तीय साइबर धोखाधड़ी की शिकायत के लिए राष्ट्रीय हेल्पलाइन 1930 शामिल हैं। पुलिस ने कहा कि किसी भी आपात स्थिति या साइबर ठगी की घटना होने पर तत्काल संबंधित हेल्पलाइन पर संपर्क करना चाहिए।
मैनपुर पुलिस ने बताया कि इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम आगे भी विद्यालयों और सार्वजनिक स्थानों पर लगातार आयोजित किए जाएंगे, ताकि समाज को साइबर अपराधों, महिला सुरक्षा और कानून संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियों के प्रति अधिक जागरूक बनाया जा सके।

