मैनपुर : अपनी ज्वलंत समस्याओं और लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर ‘कोटवार एसोसिएशन ऑफ छत्तीसगढ़’ ने अब शासन के खिलाफ मोर्चा खोलने की तैयारी कर ली है। शासन द्वारा उनकी मांगों की लगातार अनदेखी किए जाने से नाराज प्रदेश भर के कोटवार आगामी 3 जुलाई 2026 को आंदोलन की राह पर उतरने जा रहे हैं।
मैनपुर थाना प्रभारी को सौंपी गई पूर्व सूचना कोटवार एसोसिएशन ऑफ छत्तीसगढ़ की तहसील इकाई मैनपुर (जिला- गरियाबंद) द्वारा 30 जून 2026 को एक आधिकारिक पत्र जारी कर प्रशासन को अवगत कराया गया है।

मैनपुर के थाना प्रभारी (SHO) को संबोधित करते हुए यह सूचना पत्र सौंपा गया है।
इस पत्र में स्पष्ट रूप से 3 जुलाई 2026 को होने वाले एक दिवसीय धरना प्रदर्शन के संबंध में प्रशासन को पूर्व जानकारी दी गई है, ताकि सुरक्षा और अन्य आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जा सके।
क्या है कोटवारों की नाराजगी का मुख्य कारण? एसोसिएशन द्वारा सौंपे गए पत्र में कोटवारों की पीड़ा साफ झलकती है। पत्र में बताया गया है कि विगत कई दिनों से प्रदेश के कोटवार अपनी ज्वलंत समस्याओं को लेकर लगातार शासन का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास करते आ रहे हैं।
लेकिन विडंबना यह है कि शासन की ओर से इस संदर्भ में कोई भी ठोस पहल या सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया है। शासन के इस उदासीन रवैये के कारण कोटवारों के बीच गहन निराशा और भारी आक्रोश व्याप्त है।

आंदोलन के प्रथम चरण की रूपरेखा शासन की अनदेखी के बाद ‘कोटवार एसोसिएशन ऑफ छत्तीसगढ़ की प्रांतीय संघर्ष समिति’ ने मजबूरन आंदोलन का आह्वान किया है। इस आंदोलन के प्रथम चरण की रूपरेखा इस प्रकार तय की गई है:
दिनांक: 3 जुलाई 2026
स्तर: प्रदेश के सभी तहसील स्तरों पर (मैनपुर तहसील सहित)।
कार्यक्रम: समस्त कोटवार अपने-अपने तहसील मुख्यालयों पर एकत्रित होकर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन करेंगे।
ज्ञापन: प्रदर्शन के अंत में अपनी मांगों के समर्थन में प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा जाएगा।
प्रशासनिक अधिकारियों को भी भेजी गई प्रतिलिपि कानून व्यवस्था और शांतिपूर्ण प्रदर्शन के मद्देनजर कोटवार संघ ने इस सूचना पत्र की प्रतिलिपि (Copy) अनुविभागीय अधिकारी (SDM – राजस्व) मैनपुर और तहसीलदार मैनपुर को भी सूचनार्थ प्रेषित कर दी है। पत्र पर एसोसिएशन के अध्यक्ष नोखेश्वर जगत, सचिव कुंवर सिंह, उपाध्यक्ष गिरधारी लाल सहित अन्य कई पदाधिकारियों और सदस्यों के हस्ताक्षर मौजूद हैं।
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि 3 जुलाई को होने वाले कोटवारों के इस प्रदेशव्यापी प्रदर्शन के बाद, राज्य शासन इनकी मांगों पर क्या संज्ञान लेता है।





