गरियाबंद: छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध सीतानदी उदंती टाइगर रिजर्व (Sitanadi Udanti Tiger Reserve) से वन विभाग के महकमे से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। रिजर्व के रिसगांव रेंज में पदस्थ वन परिक्षेत्र अधिकारी (रेंजर) को उनके पद से हटा दिया गया है। यह कार्रवाई रेंजर के खिलाफ स्थानीय ग्रामीणों के भारी आक्रोश और उग्र प्रदर्शन को देखते हुए की गई है।
क्या था पूरा मामला? प्राप्त जानकारी के अनुसार, रिसगांव रेंज में पदस्थ रेंजर का स्थानीय ग्रामीणों के साथ व्यवहार ठीक नहीं था। ग्रामीणों का आरोप था कि अधिकारी द्वारा उनके साथ लगातार गलत और अभद्र व्यवहार किया जा रहा था। इसी बात से नाराज होकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा।

ग्रामीणों ने एकजुट होकर रेंजर के खिलाफ रेंज कार्यालय में जमकर हल्ला बोला और उग्र प्रदर्शन किया। उनकी स्पष्ट मांग थी कि इस अधिकारी को तुरंत इस क्षेत्र से हटाकर किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित किया जाए।
विरोध के बाद प्रशासन का एक्शन ग्रामीणों के बढ़ते आक्रोश और स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए वन विभाग के उच्चाधिकारियों ने तुरंत दखल दिया। इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने और ग्रामीणों की नाराजगी दूर करने के लिए परिक्षेत्र अधिकारी को तत्काल प्रभाव से रिसगांव रेंज से हटा दिया गया है।
मिली नई जिम्मेदारी: ईको टूरिज्म को देंगे बढ़ावा विभाग द्वारा जारी किए गए नए आदेश के मुताबिक, हटाए गए परिक्षेत्र अधिकारी को अब आगामी आदेश तक उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व गरियाबंद मुख्यालय में विशेष अधिकारी (Special Officer) के रूप में संलग्न (अटैच) किया गया है।
आदेश में यह स्पष्ट किया गया है कि उनकी यह नई पदस्थापना मुख्य रूप से क्षेत्र में ईको टूरिज्म (Eco-Tourism) को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की गई है। अब वे अपना कामकाज गरियाबंद मुख्यालय से ही संभालेंगे।
इस खबर के मुख्य बिंदु :
स्थान: रिसगांव रेंज, सीतानदी उदंती टाइगर रिजर्व (नगरी/गरियाबंद)।
कारण: ग्रामीणों के साथ वन परिक्षेत्र अधिकारी (रेंजर) का गलत व्यवहार।
ग्रामीणों का कदम: रेंजर के खिलाफ जमकर हल्ला और तबादले की मांग।
विभागीय कार्रवाई: रेंजर को पद से हटाकर गरियाबंद मुख्यालय में किया गया अटैच।
नई भूमिका: आगामी आदेश तक ‘विशेष अधिकारी’ के रूप में ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने का काम करेंगे।
वन विभाग की इस त्वरित कार्रवाई के बाद रिसगांव के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है, वहीं महकमे में यह प्रशासनिक फेरबदल चर्चा का विषय बना हुआ है।





