गरियाबंद | पुलिस ने फरार अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। वर्ष 2008 से फरार चल रहे स्थायी वारंटी नौशाद अली को पुलिस ने महाराष्ट्र के नागपुर से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पिछले 18 वर्षों से अपनी पहचान छिपाकर कानून की नजरों से बचता फिर रहा था, लेकिन सटीक सूचना और योजनाबद्ध कार्रवाई के चलते आखिरकार पुलिस ने उसे दबोच लिया।
विशेष टीम ने नागपुर पहुंचकर की गिरफ्तारी
पुलिस अधीक्षक के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में गठित विशेष टीम को मुखबिर से सूचना मिली थी कि लंबे समय से फरार स्थायी वारंटी नौशाद अली पिता मुर्तुजा अली नागपुर में छिपा हुआ है। सूचना की पुष्टि होने के बाद पुलिस टीम तत्काल नागपुर रवाना हुई और योजनाबद्ध घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
दुर्ग और राजनांदगांव में भी दर्ज हैं आपराधिक मामले
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ केवल गरियाबंद ही नहीं, बल्कि दुर्ग और राजनांदगांव जिलों में भी आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस का मानना है कि आरोपी की गिरफ्तारी से इन जिलों में लंबित मामलों की जांच और उनके खुलासे में भी महत्वपूर्ण मदद मिलेगी।
18 साल तक पुलिस को देता रहा चकमा
पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी पिछले 18 वर्षों से लगातार अपनी पहचान बदलकर और स्थान बदल-बदलकर पुलिस से बचता रहा। हालांकि मजबूत सूचना तंत्र और लगातार निगरानी के कारण पुलिस उसकी लोकेशन तक पहुंचने में सफल रही।
फरार अपराधियों पर अभियान रहेगा जारी
गरियाबंद पुलिस ने कहा कि जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने और फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान लगातार जारी रहेगा। पुलिस का स्पष्ट संदेश है कि कोई भी अपराधी कितना भी समय तक फरार क्यों न रहे, उसे कानून के दायरे में लाकर न्यायिक प्रक्रिया का सामना करना ही होगा।





