मैनपुर। गरियाबंद जिले के मैनपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत जिड़ार के आश्रित सिहार गांव में एक बार फिर जंगली हाथियों का आतंक देखने को मिला। हाथियों के झुंड ने राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र विशेष जनजाति कमार परिवार के एक मकान को क्षतिग्रस्त कर दिया। इस दौरान घर में रखी खाद्य सामग्री और अन्य घरेलू सामान भी बर्बाद हो गया।

ग्रामीणों के अनुसार, घटना के चार दिन बीत जाने के बाद भी वन विभाग का कोई अधिकारी या कर्मचारी मौके पर जांच के लिए नहीं पहुंचा है। इससे ग्रामीणों में विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी बढ़ती जा रही है।
ग्रामीणों ने बताया कि सिहार गांव और आसपास का क्षेत्र पहले भी जंगली हाथियों की आवाजाही से प्रभावित रहा है। पूर्व में हाथियों के हमले में कई ग्रामीण अपनी जान गंवा चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद हाथियों का विचरण लगातार जारी है। इससे गांव के लोगों में भय का माहौल बना हुआ है। 
पीड़ित परिवार और ग्रामीणों ने वन विभाग से जल्द सर्वे कर नुकसान का आकलन करने, उचित मुआवजा देने तथा गांव में हाथियों की आवाजाही रोकने के लिए प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था करने की मांग की है।
फिलहाल ग्रामीणों की नजर वन विभाग की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में बड़ी जनहानि की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। भारत के कई राज्यों में मानव-हाथी संघर्ष लगातार गंभीर चुनौती बना हुआ है, जिसके समाधान के लिए त्वरित राहत और दीर्घकालिक प्रबंधन की आवश्यकता बताई जाती रही है।





