गरियाबंद। समाज को सुरक्षित, जागरूक और अपराधमुक्त बनाने की दिशा में गरियाबंद पुलिस द्वारा चलाए जा रहे सामुदायिक पुलिसिंग अभियान के तहत ग्राम नागाबुडा में एक प्रेरणादायक जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की खास बात यह रही कि गांव के स्कूली छात्र-छात्राओं ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से नशे के दुष्प्रभावों और यातायात नियमों के पालन का प्रभावशाली संदेश देकर ग्रामीणों का ध्यान महत्वपूर्ण सामाजिक मुद्दों की ओर आकर्षित किया।
कार्यक्रम का आयोजन पुलिस अधीक्षक गरियाबंद के निर्देशन में किया गया, जिसका उद्देश्य पुलिस और समाज के बीच बेहतर संवाद स्थापित करने के साथ-साथ युवाओं को सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक बनाना था।
नुक्कड़ नाटक ने दिखाई नशे की भयावह सच्चाई
नागाबुडा के छात्र-छात्राओं ने अपने सशक्त अभिनय के माध्यम से यह दर्शाया कि नशे की लत किस प्रकार एक सुखी परिवार की खुशियां छीनकर उसे आर्थिक, सामाजिक और मानसिक संकट में धकेल देती है। नाटक में दिखाया गया कि नशा न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को प्रभावित करता है, बल्कि पूरे परिवार और समाज पर इसका नकारात्मक असर पड़ता है।
बच्चों की जीवंत प्रस्तुति ने उपस्थित ग्रामीणों को भावुक कर दिया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने नशे से दूर रहने तथा अपने गांव और समाज को नशामुक्त बनाने का संकल्प लिया।
सड़क सुरक्षा को लेकर भी दिया महत्वपूर्ण संदेश
नशामुक्ति के साथ-साथ छात्रों ने सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन की आवश्यकता पर भी जोर दिया। नुक्कड़ नाटक में बिना हेलमेट वाहन चलाने, सीट बेल्ट का उपयोग न करने और नाबालिगों द्वारा वाहन संचालन जैसी लापरवाहियों के गंभीर परिणामों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया।
पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि अधिकांश सड़क दुर्घटनाएं मानवीय भूल और नियमों की अनदेखी के कारण होती हैं। यदि प्रत्येक नागरिक यातायात नियमों का ईमानदारी से पालन करे तो अनेक दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है। उन्होंने “सतर्कता ही सुरक्षा है” का संदेश देते हुए सड़क सुरक्षा को जन-आंदोलन बनाने की अपील की।
सामुदायिक पुलिसिंग से मजबूत हो रहा पुलिस-जनता का संबंध
कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों ने कहा कि सामुदायिक पुलिसिंग केवल कानून व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का एक प्रभावी माध्यम भी है। जब स्कूली बच्चे स्वयं जागरूकता अभियान की कमान संभालते हैं तो उनका संदेश समाज पर अधिक गहरा प्रभाव छोड़ता है।
अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की कि वे अपने बच्चों को अच्छे संस्कार दें, उन्हें नशे और अपराध से दूर रखें तथा किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि या नशीले पदार्थों के कारोबार की जानकारी तत्काल पुलिस को दें।
ग्रामीणों ने की पहल की सराहना
कार्यक्रम में ग्राम नागाबुडा के सरपंच, पंच, शिक्षकगण, अभिभावक, बड़ी संख्या में ग्रामीणजन तथा पुलिस विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने इस अभिनव पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने और युवाओं को सही दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
गरियाबंद पुलिस की यह पहल न केवल सामाजिक जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक सराहनीय कदम है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि पुलिस और समाज मिलकर ही एक सुरक्षित, स्वस्थ और अपराधमुक्त वातावरण का निर्माण कर सकते हैं।





