राधे पटेल / गरियाबंद 33 केवी लाइन की चपेट में बस ड्राइवर की मौत से बारात में मातम
33 केवी लाइन की चपेट में बस ड्राइवर की मौत की दर्दनाक घटना महासमुंद जिले के बेलसोंडा गांव में सामने आई है। यह हादसा उस समय हुआ जब गरियाबंद जिले के ग्राम पंचायत पारागांव से आई बारात में शादी समारोह चल रहा था।
इस घटना के बाद बारात स्थल पर अफरा-तफरी मच गई और खुशियों का माहौल पलभर में मातम में बदल गया।

बिजली सप्लाई शुरू होते ही हुआ दर्दनाक हादसा
मिली जानकारी के अनुसार, शादी समारोह के दौरान कुछ समय के लिए बिजली गुल थी। इसी दौरान बस चालक शेखर दुबे बस के केबिन में आराम करने चले गए थे, क्योंकि बारात को बाद में वापस पारागांव ले जाना था।
इसी बीच अचानक बिजली सप्लाई शुरू हो गई और वे 33 केवी लाइन की चपेट में आ गए। तेज करंट लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
मृतक संतोषी नगर गरियाबंद का निवासी
बताया जा रहा है कि मृतक शेखर दुबे गरियाबंद जिले के संतोषी नगर के रहने वाले थे। हादसे की सूचना मिलते ही परिजनों और स्थानीय लोगों में शोक की लहर दौड़ गई।
इस 33 केवी लाइन की चपेट में बस ड्राइवर की मौत की घटना के बाद शादी समारोह पूरी तरह शोक में बदल गया।
हाईटेंशन लाइन की सुरक्षा को लेकर उठे सवाल
इस हादसे के बाद क्षेत्र में हाईटेंशन बिजली लाइनों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसी लाइनों के पास पर्याप्त सुरक्षा उपाय और चेतावनी संकेत होने चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
फिलहाल संबंधित विभाग को घटना की जानकारी दे दी गई है और मामले की आगे जांच की जा रही है।
सुरक्षा उपायों को लेकर बढ़ी चिंता
33 केवी लाइन की चपेट में बस ड्राइवर की मौत की इस घटना ने एक बार फिर हाईटेंशन लाइनों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था की जरूरत को उजागर किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि बिजली लाइनों के पास पर्याप्त दूरी और चेतावनी बोर्ड होना जरूरी है।
बिजली सुरक्षा से जुड़ी जानकारी के लिए केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण की आधिकारिक वेबसाइट देखें।


