गरियाबंद (छत्तीसगढ़)| जिले की प्रभारी सचिव श्रीमती आर. संगीता ने आज जिला कार्यालय सभाकक्ष में गरियाबंद जिले के विकास कार्यों और शासन की फ्लैगशिप योजनाओं की गहन समीक्षा की। बैठक के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि जनहित की योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को ‘मिशन मोड’ में काम करते हुए समयबद्ध तरीके से लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए।

प्रधानमंत्री आवास योजना: लापरवाही पर थमाया जाएगा नोटिस
प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा करते हुए प्रभारी सचिव ने कार्यों में रुचि न लेने वाले जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रति सख्त रवैया अपनाया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जो भी कर्मचारी कार्य में ढिलाई बरत रहे हैं, उन्हें तत्काल नोटिस जारी किया जाए। जनपद सीईओ को निर्देश दिया गया कि वे ग्रामवार सूची तैयार कर तहसीलदारों को भेजें और सब-इंजीनियरों को गांवों में जाकर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की खुद जांच करने को कहा।
महिला सशक्तिकरण और लखपति दीदी योजना
बैठक में बताया गया कि जिले के 1 लाख 4 हजार से अधिक परिवारों को स्व-सहायता समूहों से जोड़ा गया है, जिन्हें 119 करोड़ रुपये से अधिक का वित्तीय सहयोग दिया गया है। श्रीमती संगीता ने ‘लखपति दीदी’ योजना पर जोर देते हुए कहा कि ग्रामीण महिलाओं के कौशल का अधिकतम उपयोग कर उनकी आय में वृद्धि सुनिश्चित की जाए।
गलत आंकड़ों पर विभाग को फटकार

महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा के दौरान जब अधिकारी कुपोषण और महतारी वंदन योजना के सही आंकड़े प्रस्तुत नहीं कर पाए, तो प्रभारी सचिव ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने विभाग को तत्काल संशोधित और सटीक डेटा प्रस्तुत करने की चेतावनी दी। साथ ही आंगनबाड़ियों में शौचालय और पेयजल की स्थिति सुधारने के निर्देश दिए।
स्वास्थ्य और शिक्षा: हर बच्चे और महिला तक पहुँचे लाभ
स्वास्थ्य: शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करने और पीवीटीजी (विशेष पिछड़ी जनजाति) समुदाय के सभी पात्र लोगों के आयुष्मान कार्ड प्राथमिकता से बनाने के निर्देश दिए गए। सुपेबेड़ा ग्राम की संवेदनशीलता को देखते हुए वहां नियमित स्वास्थ्य परीक्षण जारी रखने को कहा गया।
शिक्षा: स्कूलों में ‘अपार आईडी’ (APAAR ID) बनाने के कार्य में तेजी लाने और स्कूल जतन योजना के तहत निर्माण कार्यों को जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए।
छात्रावासों की सुरक्षा: बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध
आदिम जाति विकास विभाग की समीक्षा के दौरान उन्होंने छात्राओं की सुरक्षा को लेकर कड़े निर्देश दिए। कन्या छात्रावासों में किसी भी बाहरी व्यक्ति का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। साथ ही, अवकाश से लौटने वाली बालिकाओं का स्वास्थ्य परीक्षण महिला चिकित्सकों द्वारा अनिवार्य रूप से कराने के निर्देश दिए गए।
विभागीय समन्वय और पारदर्शी शासन
अंत में प्रभारी सचिव ने लोक निर्माण विभाग, पीएमजीएसवाई, वन और कृषि सहित अन्य सभी विभागों को निर्देशित किया कि शासन की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पारदर्शी तरीके से पहुँचना चाहिए। उन्होंने वन विभाग को वनों में आग की घटनाओं पर नियंत्रण और नगरीय निकायों को सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट में सुधार लाने को कहा।
इस महत्वपूर्ण बैठक में कलेक्टर श्री बीएस उइके, एसपी श्री वेदव्रत सिरमौर, डीएफओ श्री शशिगानंदन के., जिला पंचायत सीईओ श्री प्रखर चंद्राकर सहित जिले के सभी आला अधिकारी मौजूद रहे।


