रायपुर। ट्रक के टूल बॉक्स में गांजा छिपाकर तस्करी करने के मामले में विशेष एनडीपीएस न्यायालय ने आरोपी चालक को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। आरोपी इरफान सा दीवान को 40.545 किलोग्राम गांजे की तस्करी के मामले में दोषी ठहराया गया है। विशेष न्यायाधीश (एनडीपीएस एक्ट) शैलेश शर्मा की अदालत ने आरोपी पर जुर्माना भी लगाया है।
मामला 1 अप्रैल 2025 का है। सरकारी अधिवक्ता स्वाति शर्मा के अनुसार, रायपुर के उरला स्थित रियल इस्पात कंपनी के सुरक्षा गार्ड राजेश सिंह ने पुलिस को सूचना दी थी कि कंपनी में माल लोड कराने आए एक ट्रक के टूल बॉक्स में गांजा रखा हुआ है। सूचना मिलते ही उरला थाना पुलिस की टीम कंपनी के गेट नंबर-2 के पास पहुंची, जहां ट्रक के साथ उसका चालक इरफान सा दीवान मौजूद था।
टूल बॉक्स में मिलीं गांजे से भरी चार बोरियां
पुलिस ने दो गवाहों की मौजूदगी में ट्रक की तलाशी ली। इस दौरान टूल बॉक्स खोलने पर सफेद प्लास्टिक की चार बोरियां मिलीं। जांच करने पर बोरियों में गांजा भरा हुआ पाया गया। इलेक्ट्रॉनिक कांटे से वजन कराने पर कुल 40.545 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ।
पुलिस ने गांजे के साथ ट्रक को भी जब्त कर लिया। चालक से गांजा रखने और उसके परिवहन से संबंधित वैध दस्तावेज मांगे गए, लेकिन वह कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
एफएसएल रिपोर्ट के बाद पेश हुई चार्जशीट
जब्त गांजे के नमूने विधिवत तैयार कर फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) जांच के लिए भेजे गए थे। न्यायालय में भी गांजे का वजन और नमूने लेने की प्रक्रिया से संबंधित साक्ष्य प्रस्तुत किए गए। एफएसएल रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया।
तस्करी के आरोप में दोषी, साजिश के आरोप से बरी
मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर ट्रक चालक इरफान सा दीवान को गांजा रखने और उसकी तस्करी के मामले में दोषी पाया। अदालत ने उसे 20 साल के कठोर कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई। हालांकि, गांजा तस्करी की साजिश में शामिल होने से जुड़े एक अन्य आरोप से आरोपी को बरी कर दिया।



