भागुराम निषाद की सूचना पर करीब 6 किलोमीटर दूर से पहुंची पुलिस टीम; बातचीत के बाद युवक को सुरक्षित बाहर निकालकर परिजनों को सौंपा
गरियाबंद। मालगांव पुलिया के पास एक युवक के नदी में छलांग लगाने की तैयारी करने की सूचना मिलने के बाद डायल-112 की टीम ने मौके पर पहुंचकर उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया। घटना में स्थानीय व्यक्ति भागुराम निषाद की समय पर दी गई सूचना और पुलिस टीम की त्वरित प्रतिक्रिया निर्णायक रही।
घटना के दौरान भागुराम निषाद की नजर पुलिया के पास मौजूद युवक पर पड़ी। युवक नदी में कूदने की बात कह रहा था। बताया गया कि उसने अपने कपड़े भी उतार दिए थे। स्थिति को गंभीर देखते हुए निषाद ने तत्काल डायल-112 को सूचना दी।
सूचना मिलते ही मौके के लिए रवाना हुई टीम
सूचना मिलने के बाद डायल-112 की टीम करीब छह किलोमीटर की दूरी तय कर घटनास्थल पर पहुंची। वहां युवक नदी में जाने की तैयारी की स्थिति में था।
पुलिस टीम ने पहले युवक से बातचीत कर उसे समझाने का प्रयास किया। इसके बाद मौके की स्थिति को देखते हुए जवानों ने सावधानी से युवक को पुलिया की ओर खींचकर सुरक्षित बाहर निकाला।
युवक को बाहर निकालने के बाद उसे कपड़े पहनाए गए और उसकी पहचान तथा घर-परिवार के संबंध में जानकारी ली गई।
ग्राम भिलाई का रहने वाला है युवक
पूछताछ में युवक ने अपना पता ग्राम भिलाई और पिता का नाम दुखुराम बताया। इसके बाद डायल-112 की टीम उसे उसके घर लेकर पहुंची। पुलिस ने परिजनों को घटनाक्रम की जानकारी दी और युवक को उनके सुपुर्द कर दिया।
एक सूचना ने बदला घटनाक्रम
इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह रहा कि घटना की जानकारी पुलिस को उस समय मिल गई, जब युवक अभी नदी में नहीं गया था। भागुराम निषाद की सूचना के बाद पुलिस टीम ने तत्काल प्रतिक्रिया दी। इससे स्थिति को बिगड़ने से पहले नियंत्रित करने में मदद मिली।
गरियाबंद में डायल-112 की टीम इससे पहले भी बाढ़, सड़क हादसों और अन्य आपात परिस्थितियों में लोगों को सुरक्षित निकालने की कार्रवाई कर चुकी है। हाल के एक मामले में देवभोग क्षेत्र में बाढ़ में फंसे चार लोगों को डायल-112, थाना पुलिस और SDRF की संयुक्त टीम ने सुरक्षित बाहर निकाला था।
आरक्षक और चालक की रही भूमिका
इस कार्रवाई में आरक्षक क्रमांक 515 कृष्ण कुमार राय और चालक भानु प्रताप ठाकुर की महत्वपूर्ण भूमिका रही। दोनों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और युवक को सुरक्षित बाहर निकालने की कार्रवाई की।
वहीं, घटना की जानकारी समय पर पुलिस तक पहुंचाने वाले भागुराम निषाद की सजगता भी महत्वपूर्ण रही। समय पर सूचना मिलने और पुलिस के तत्काल पहुंचने से युवक को सुरक्षित उसके परिवार तक पहुंचाया जा सका।
घटना ने यह भी दिखाया कि किसी व्यक्ति को संकट की ऐसी स्थिति में देखने पर तत्काल पुलिस या आपात सेवा को सूचना देना कितना महत्वपूर्ण हो सकता है।



