राधेश्याम पटेल/गरियाबंद
छत्तीसगढ़। ग्रीष्मकाल की शुरुआत के साथ ही प्रदेश में सूर्य के तीखे तेवर दिखने लगे हैं। लगातार बढ़ते तापमान और शुष्क वातावरण के कारण ‘लू’ (तापाघात) का खतरा काफी बढ़ गया है, जो लापरवाही बरतने पर जानलेवा भी साबित हो सकता है। भीषण गर्मी के इस प्रकोप को देखते हुए कोरबा कलेक्टर कुणाल दुदावत के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग ने आम जनता के लिए एक विस्तृत एडवाइजरी जारी की है।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) एस.एन. केसरी ने बताया कि तेज धूप के कारण शरीर में पानी और जरूरी खनिज लवणों (नमक) की कमी हो जाती है, जिसे मेडिकल भाषा में निर्जलीकरण (Dehydration) और हीट-स्ट्रोक (लू लगना) कहा जाता है। विशेष रूप से फील्ड में काम करने वाले कर्मचारी, किसान, और बाजार में खरीदारी करने वाले लोग जो पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थों का सेवन नहीं कर पाते, वे आसानी से इसके शिकार हो जाते हैं।
लू (तापाघात) के प्रमुख लक्षण
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति में ये लक्षण दिखें तो वह लू का शिकार हो सकता है:
तेज सिरदर्द, बुखार और कमजोरी महसूस होना।
उल्टी आना, चक्कर आना या बेहोशी छाना।
अत्यधिक पसीना आना या फिर त्वचा का एकदम लाल और सूखा पड़ जाना।
सांस फूलना और दिल की धड़कन का तेज होना।
शरीर की मांसपेशियों में अचानक ऐंठन होना।
लू से बचाव के लिए क्या करें?
प्रशासन ने आम जनता से निम्नलिखित सावधानियां बरतने की अपील की है:

पहनावा: धूप में निकलते समय हमेशा हल्के रंग के, ढीले और सूती कपड़े पहनें।
सुरक्षा: घर से बाहर जाते समय सिर, कान और गर्दन को सूती गमछे या कपड़े से अच्छी तरह ढकें। छतरी और धूप के चश्मे (Sunglasses) का इस्तेमाल जरूर करें।
खान-पान: खाली पेट बाहर न निकलें। भोजन करके और पर्याप्त पानी पीकर ही घर से निकलें। अपने साथ पानी की बोतल हमेशा रखें।
तरल पदार्थ: दिन भर में ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं। इसके अलावा नींबू पानी, ओआरएस (ORS), छाछ, लस्सी और कच्चे आम का पना जैसी चीजों का सेवन बढ़ा दें।
विशेष ध्यान: बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं का खास ख्याल रखें। उन्हें थोड़ी-थोड़ी देर में पानी पीने के लिए प्रेरित करें।
क्या न करें: नंगे पैर धूप में न चलें, बेवजह कड़ी धूप में बाहर जाने से बचें और अत्यधिक गर्मी में भारी मेहनत या व्यायाम करने से परहेज करें।
लू लगने पर तुरंत करें ये प्राथमिक उपचार
पीड़ित व्यक्ति को तुरंत किसी ठंडी और छायादार जगह पर लिटाएं।
उसके कपड़े ढीले कर दें और हवा की व्यवस्था करें।
शरीर का तापमान कम करने के लिए ठंडे पानी की पट्टियां रखें या गीले कपड़े से शरीर पोंछें।
सावधानी: यदि मरीज बेहोश है, तो उसे मुंह से कुछ भी खाने या पीने को न दें।
होश में आने पर ओआरएस का घोल, आम पना या ठंडा पानी पिलाएं।
प्राथमिक उपचार के तुरंत बाद मरीज को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र लेकर जाएं।
अस्पतालों में दवाइयां उपलब्ध
CMHO ने स्पष्ट किया है कि गर्मी के मौसम को देखते हुए जिले के सभी मेडिकल कॉलेजों, सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC/CHC) सहित शहरी स्वास्थ्य केंद्रों में लू से बचाव के लिए जीवन रक्षक दवाइयां और ओ.आर.एस. (ORS) के पैकेट पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध करा दिए गए हैं।
प्रशासन ने सभी नागरिकों से आग्रह किया है कि वे इन जरूरी उपायों को अपनाएं ताकि इस भीषण गर्मी में वे स्वयं और अपने परिवार को सुरक्षित रख सकें।


