वन्यप्राणी संरक्षण सप्ताह के तहत प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों में आयोजित हुआ प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम, विद्यार्थियों ने उत्साह से लिया हिस्सा
वन्यप्राणी संरक्षण सप्ताह के अवसर पर 7 अक्टूबर 2026 को वन परिक्षेत्र उत्तर उदंती, मैनपुर के अमाड़ सर्कल अंतर्गत प्राथमिक शाला अमाड़, माध्यमिक शाला अमाड़ और प्राथमिक शाला कुंभकोट (अमाड़) में वन्यजीव संरक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को वन्यप्राणियों, जंगल और जैव विविधता के महत्व से जोड़ना रहा।
भारत में वन्यजीव सप्ताह के दौरान वन्यजीव संरक्षण को लेकर जनजागरूकता बढ़ाने के लिए विभिन्न शैक्षणिक और सहभागितापूर्ण गतिविधियां आयोजित की जाती हैं। वर्ष 2026 में वन्यजीव सप्ताह 2 से 8 अक्टूबर तक मनाया जा रहा है।
वन्यजीव और जैव विविधता पर हुई प्रश्नोत्तरी
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों से वन्यप्राणी संरक्षण, वन संरक्षण, जैव विविधता, वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास और वन्यप्राणियों की सुरक्षा से जुड़े विभिन्न प्रश्न पूछे गए।
छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रश्नोत्तरी में भाग लिया और अपनी जानकारी के आधार पर सवालों के जवाब दिए। सही उत्तर देने वाले विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाने के लिए उन्हें पेन और नोटबुक पुरस्कार के रूप में प्रदान किए गए।
जंगल और वन्यजीवों के प्रति जिम्मेदारी का संदेश
कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को यह समझाने का प्रयास किया गया कि वन्यजीव केवल जंगल का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि वे पूरे पारिस्थितिक तंत्र और जैव विविधता के लिए महत्वपूर्ण हैं। वन एवं वन्यजीवों के संरक्षण में स्थानीय समुदाय और नई पीढ़ी की भागीदारी भी अहम है।
केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय भी वन्यजीव संरक्षण के साथ-साथ वन्यजीवों के आवास, जैव विविधता और मानव-वन्यजीव संघर्ष के प्रति जनजागरूकता को संरक्षण कार्यों का महत्वपूर्ण हिस्सा मानता है।
ग्रामीणों और वन अमले की रही मौजूदगी
कार्यक्रम में ग्राम अमाड़ के ग्रामीणों के साथ सहायक परिक्षेत्र अधिकारी अमाड़ एवं जुगाड़, परिसर रक्षी अमाड़, मातरबहाल और मोतीपानी तथा सभी सुरक्षा श्रमिक उपस्थित रहे।
वन विभाग के कर्मचारियों की मौजूदगी में आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों को वन्यजीवों के प्रति संवेदनशील रहने और जंगलों की सुरक्षा में सहयोग करने का संदेश दिया गया।
विद्यार्थियों में बढ़ी वन्यजीव संरक्षण की समझ
प्रश्नोत्तरी के माध्यम से विद्यार्थियों को वन्यप्राणियों और उनके प्राकृतिक आवास के बारे में जानकारी देने के साथ उनकी जिज्ञासा को भी प्रोत्साहित किया गया। कार्यक्रम में बच्चों की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने यह दिखाया कि जागरूकता और शिक्षा के माध्यम से वन्यजीव संरक्षण का संदेश नई पीढ़ी तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सकता है।
वन्यप्राणी संरक्षण सप्ताह के तहत आयोजित यह कार्यक्रम विद्यार्थियों को प्रकृति, जंगल और वन्यजीवों के प्रति जिम्मेदार बनाने की दिशा में एक उपयोगी पहल रहा।



