गरियाबंद। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा संचालित सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत मैनपुर विकासखंड के दूरस्थ वनांचल क्षेत्र बुड़गेलटप्पा (कालीमाटी ) में जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में 15 गांवों से पहुंचे ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं, शिकायतों और मांगों से संबंधित कुल 1 हजार 180 आवेदन प्रशासन को सौंपे, जिनमें से अधिकांश आवेदनों का मौके पर ही निराकरण किया गया। प्रदेशभर में चल रहे सुशासन तिहार अभियान का उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पहुंचकर आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना है।

शिविर में विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने स्टॉल लगाकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं तथा पात्र हितग्राहियों को शासन की योजनाओं का लाभ भी प्रदान किया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 5 गर्भवती महिलाओं की गोदभराई रस्म अदा की गई, वहीं 2 बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार भी कराया गया।
कलेक्टर बी.एस. उइके ने शिविर को संबोधित करते हुए कहा कि शासन का मुख्य उद्देश्य दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचकर लोगों की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में 5 सड़कों और पुल-पुलियों की स्वीकृति मिल चुकी है तथा कई निर्माण कार्य जून तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। इंदागांव उपस्वास्थ्य केंद्र के लिए 75 लाख रुपये की स्वीकृति भी दी गई है।
पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर ने ग्रामीणों को डायल 112 सेवा के उपयोग, ऑनलाइन ठगी और फर्जी कॉल से सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने क्षेत्र में ग्राम सहायता केंद्र और पुलिस चौकी स्थापित करने की जानकारी भी दी।
उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक वरूण जैन ने क्षेत्र में पर्यटन और रोजगार की संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि कोयबा में नेचर कैंप को इको रिसोर्ट के रूप में विकसित किया गया है। उन्होंने स्थानीय युवाओं से नेचर गाइड प्रशिक्षण लेकर रोजगार से जुड़ने की अपील की।
जिला पंचायत सदस्य संजय नेताम ने कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से प्रशासन गांव-गांव पहुंचकर लोगों की समस्याओं का त्वरित निराकरण कर रहा है। वहीं जनपद पंचायत अध्यक्ष मोहना नेताम ने कहा कि वनांचल क्षेत्र के लोगों की मूलभूत समस्याओं के समाधान पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।
शिविर में जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी, सरपंच, सचिव और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।


