राधे पटेल/ गरियाबंद दंतेवाड़ा/तेलंगाना, 20 अप्रैल 2026। दक्षिण बस्तर क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय नक्सली संगठन पीएलजीए (पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी) की कुख्यात बटालियन नंबर-1 के अंत की स्थिति बनती नजर आ रही है। इस क्रम में संगठन के बड़े कमांडर हेमला विज्जा उर्फ ऐथु (DVCM) ने अपने 23 साथियों के साथ आत्मसमर्पण की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, हेमला विज्जा, जो साउथ बस्तर डिवीजन (SBD) में नक्सलियों के मिलिट्री विंग के प्रभारी के रूप में कार्यरत थे और PL नंबर 09/10 से जुड़े हुए थे, तेलंगाना पहुंच चुके हैं। बताया जा रहा है कि उन्होंने तेलंगाना स्पेशल इंटेलिजेंस ब्रांच (TS SIB) के समक्ष आत्मसमर्पण के लिए संपर्क स्थापित किया है।
सूत्रों का कहना है कि हेमला विज्जा सहित कुल 24 नक्सली आत्मसमर्पण करने की तैयारी में हैं। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर तेलंगाना पुलिस द्वारा अगले 2 से 3 दिनों के भीतर आधिकारिक प्रेस रिलीज जारी किए जाने की संभावना जताई जा रही है।
गौरतलब है कि PLGA बटालियन नंबर-1 वर्ष 2004 से दक्षिण बस्तर के घने जंगलों में सक्रिय रही है। पिछले दो दशकों के दौरान इस बटालियन ने कई बड़े हमलों को अंजाम दिया और सुरक्षा बलों को सबसे अधिक नुकसान पहुंचाने वाली इकाइयों में शामिल रही। सुरक्षा एजेंसियों के लिए यह बटालियन लंबे समय तक बड़ी चुनौती बनी रही।
हाल ही में इसी बटालियन से जुड़े एक अन्य बड़े नक्सली नेता सोढ़ी केशा (SZCM), जो कंपनी नंबर-02 के प्रभारी थे, ने भी आत्मसमर्पण किया था। अब हेमला विज्जा के आत्मसमर्पण की प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही इस बटालियन के पूरी तरह समाप्त होने की पुष्टि मानी जा रही है।
सुरक्षा मामलों के जानकारों का मानना है कि यह घटनाक्रम दक्षिण बस्तर में नक्सल नेटवर्क के लगातार कमजोर होने का संकेत है। विशेषज्ञों के अनुसार, बड़े कमांडरों के आत्मसमर्पण से संगठन की रणनीतिक क्षमता पर सीधा असर पड़ेगा और आने वाले समय में क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकता है।

वहीं, सुरक्षा एजेंसियां इस घटनाक्रम को दक्षिण बस्तर में चलाए जा रहे लगातार ऑपरेशनों और आत्मसमर्पण नीति की बड़ी सफलता के रूप में देख रही हैं। अधिकारियों का मानना है कि यदि इसी तरह बड़े स्तर पर आत्मसमर्पण जारी रहा, तो क्षेत्र में शांति और विकास की संभावनाएं और मजबूत होंगी।


