गरियाबंद। जिले के बेरोजगार युवक-युवतियों तथा स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थियों को करियर संबंधी मार्गदर्शन प्रदान करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन के तत्वावधान में गुरुवार को ऑक्शन हॉल में एक दिवसीय भव्य करियर काउंसलिंग सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों को सफलता के मूल मंत्र बताते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
कार्यक्रम का शुभारंभ कलेक्टर श्री बी.एस. उइके, पुलिस अधीक्षक श्री वेदव्रत सिरमौर, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री प्रखर चंद्राकर, वनमंडलाधिकारी श्री शशिगानंद, उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक श्री वरुण जैन, अपर कलेक्टर श्रीमती ऋषा ठाकुर तथा डीएसपी गरिमा दादर द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। सेमिनार में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और युवा शामिल हुए।
अपने संबोधन में कलेक्टर श्री बी.एस. उइके ने विद्यार्थियों को लक्ष्य निर्धारण और समय प्रबंधन का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता और हर उपलब्धि के पीछे निरंतर मेहनत, अनुशासन और समर्पण छिपा होता है। उन्होंने युवाओं को अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार करियर चुनने की सलाह देते हुए कहा कि एक बार लक्ष्य तय हो जाने के बाद सोशल मीडिया और अन्य भटकाव वाली गतिविधियों से दूरी बनाकर पूरी एकाग्रता के साथ तैयारी करनी चाहिए।
पुलिस अधीक्षक श्री वेदव्रत सिरमौर ने युवाओं में उत्साह का संचार करते हुए कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त करने के लिए अनुशासन और आत्मविश्वास सबसे महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने पुलिस सेवा एवं सिविल सर्विसेज में जाने के इच्छुक विद्यार्थियों को शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि असफलता सफलता की राह का हिस्सा है, इसलिए उससे घबराने के बजाय सीख लेकर दोबारा अधिक मजबूती के साथ प्रयास करना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान अन्य अधिकारियों ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए युवाओं को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं, प्रशासनिक

सेवाओं, वन सेवा तथा अन्य रोजगार के अवसरों की जानकारी दी। अधिकारियों ने विद्यार्थियों को सकारात्मक सोच, निरंतर अध्ययन और आत्मविश्वास बनाए रखने के लिए प्रेरित किया।
सेमिनार के अंतिम चरण में आयोजित खुले संवाद सत्र (ओपन सेशन) में विद्यार्थियों ने अधिकारियों से सीधे प्रश्न पूछे। छात्रों ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, तनाव प्रबंधन, सही करियर चयन और तैयारी शुरू करने के उचित समय जैसे विषयों पर अपनी जिज्ञासाएं रखीं। अधिकारियों ने सरल और व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से विद्यार्थियों की शंकाओं का समाधान किया।
कार्यक्रम में मौजूद विद्यार्थियों ने इसे बेहद प्रेरणादायक और उपयोगी बताते हुए कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों से सीधे संवाद करने का अवसर उन्हें अपने भविष्य की दिशा तय करने में मदद करेगा। जिला प्रशासन की इस पहल को युवाओं के करियर निर्माण और आत्मविश्वास बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।



