गरियाबंद। छुरा विकासखंड स्थित श्री संकल्प छ.ग. मिशन अस्पताल के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अस्पताल का लाइसेंस 30 दिनों के लिए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई मरीज के उपचार में गंभीर अनियमितता पाए जाने, बिना पंजीयन सीटी स्कैन मशीन संचालन तथा बिना विधिवत अनुमति सामान्य एवं सिजेरियन डिलीवरी कराए जाने के मामले में की गई है।
जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत टेंगनाबासा निवासी 28 वर्षीय होमेश कुमार सिन्हा सड़क दुर्घटना में घायल हो गए थे। प्राथमिक उपचार के लिए परिजनों द्वारा उन्हें निजी अस्पताल श्री संकल्प छ.ग. मिशन अस्पताल छुरा में भर्ती कराया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर बी.एस. उइके के निर्देश पर जांच दल का गठन किया गया।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. यू.एस. नवरत्न के मार्गदर्शन में गठित जांच टीम ने समीक्षा के बाद अस्पताल में मरीज के उपचार के दौरान गंभीर अनियमितताएं पाई। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन को नोटिस जारी किया गया, लेकिन अस्पताल की ओर से दिया गया जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया।
जांच में यह भी सामने आया कि अस्पताल में बिना पंजीयन सीटी स्कैन मशीन का संचालन किया जा रहा था। साथ ही बिना वैधानिक अनुमति सामान्य एवं सिजेरियन डिलीवरी कराए जाने की पुष्टि हुई। इन गंभीर मामलों को देखते हुए नर्सिंग होम एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए अस्पताल का अनुज्ञा पत्र (लाइसेंस) 30 दिवस के लिए निलंबित कर दिया गया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा अस्पतालों में अनियमितताओं पर कार्रवाई के कई मामले देशभर में सामने आते रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को लेकर चर्चा तेज हो गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मरीजों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


