राधे पटेल / गरियाबंद गरियाबंद। मैनपुर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष एवं सक्रिय कांग्रेस नेता रामकृष्ण ध्रुव ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश की जनता को “अच्छे दिन” का सपना दिखाया गया, लेकिन आज आम आदमी महंगाई, बेरोज़गारी और आर्थिक असुरक्षा से जूझ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार जनता की समस्याओं का समाधान देने के बजाय केवल उपदेश देने में व्यस्त है।

मैनपुर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष एवं सक्रिय कांग्रेस नेता
रामकृष्ण ध्रुव ने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय आम नागरिक की क्रय शक्ति मजबूत थी और आवश्यक वस्तुओं के दाम अपेक्षाकृत नियंत्रण में थे। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि वर्ष 2013-14 में सोने की कीमत लगभग ₹30 हजार प्रति 10 ग्राम के आसपास थी, जो अब बढ़कर ₹1 लाख 55 हजार प्रति 10 ग्राम से अधिक पहुँच चुकी है। इसी तरह पेट्रोल की कीमत जहां पहले लगभग ₹70 प्रति लीटर थी, वहीं आज कई शहरों में यह ₹100 के आसपास या उससे अधिक बनी हुई है।
उन्होंने कहा कि डीज़ल, रसोई गैस और अन्य आवश्यक वस्तुओं के दामों में भी भारी वृद्धि हुई है। घरेलू गैस सिलेंडर, जो पहले करीब ₹400 में उपलब्ध था, वह बाद के वर्षों में ₹1 हजार तक पहुँच गया। इन बढ़ती कीमतों ने मध्यम वर्ग, किसानों और गरीब परिवारों की कमर तोड़ दी है।
श्री ध्रुव ने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में किसानों को बेहतर समर्थन और आर्थिक स्थिरता का भरोसा मिलता था, लेकिन वर्तमान सरकार में खेती की लागत बढ़ी है और किसानों को बाजार की मार झेलनी पड़ रही है। वहीं युवा रोजगार के लिए भटक रहे हैं और गृहिणियाँ लगातार बढ़ती महंगाई से परेशान हैं।
उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जब जनता महंगाई से राहत की मांग करती है, तब सरकार जिम्मेदारी स्वीकार करने के बजाय लोगों को संयम और त्याग का पाठ पढ़ाने लगती है। यह किसी जवाबदेह सरकार का नहीं, बल्कि अपनी नीतिगत विफलताओं से बचने का प्रयास है।
रामकृष्ण ध्रुव ने कहा कि देश की जनता ने सरकार को भाषण देने के लिए नहीं, बल्कि राहत और समाधान देने के लिए चुना है। आज देश को प्रचार नहीं, बल्कि प्रभावी नीति की आवश्यकता है। जनता को उपदेश नहीं, राहत चाहिए और बहानों की जगह जवाबदेही चाहिए।
उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में देश की जनता महंगाई, बेरोज़गारी और जनविरोधी नीतियों का लोकतांत्रिक जवाब देगी और ऐसी सरकार को जवाबदेह बनाएगी, जो जनता की समस्याओं के समाधान के बजाय केवल प्रचार पर निर्भर है।





