राधे पटेल / गरियाबंदगरियाबंद जिले के ग्राम गोपालपुर पंचायत अंतर्गत कोदोभाट से सल्हेभाट तक बन रही सड़क इन दिनों विवादों में घिर गई है।
जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत करीब 2.49 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण किया जा रहा है, जिसके लिए शासन द्वारा 198.19 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।
लेकिन इस निर्माण कार्य के बीच अब अवैध मुरूम उत्खनन का मामला सामने आया है।
बिना NOC चल रहा मुरूम उत्खनन
ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण में उपयोग होने वाले मुरूम के लिए ठेकेदार द्वारा गांव के ही एक स्थान से बिना ग्राम पंचायत की अनुमति (NOC) और बिना ग्रामीणों की सहमति के खुदाई की जा रही है।
यह काम खुलेआम जारी है, जबकि नियमों के अनुसार इस तरह के उत्खनन के लिए पहले अनुमति लेना जरूरी होता है।
विरोध के बावजूद जारी काम
ग्रामीणों ने इस अवैध उत्खनन का विरोध भी किया, लेकिन इसके बावजूद—
- काम बंद नहीं किया गया
- मशीनें लगातार चल रही हैं
- प्रशासन की कोई कार्रवाई नजर नहीं आ रही
ग्रामीणों का कहना है कि उनकी बात को नजरअंदाज किया जा रहा है।
जमीन और पर्यावरण को नुकसान
बिना अनुमति मुरूम निकालने से
- जमीन की गुणवत्ता खराब हो रही है
- भविष्य में कटाव और गड्ढों की समस्या बढ़ सकती है
- गांव की सार्वजनिक भूमि को नुकसान पहुंच रहा है
जिम्मेदार कौन?
इतनी बड़ी राशि (198.19 लाख) से बन रही सड़क में अगर इस तरह की अनियमितता हो रही है, तो कई सवाल खड़े होते हैं—
- क्या प्रशासन को इसकी जानकारी नहीं?
- क्या ठेकेदार को खुली छूट मिली हुई है?
- या फिर जानबूझकर अनदेखी की जा रही है?
कोदोभाट से सल्हेभाट तक बनने वाली यह सड़क जहां विकास की उम्मीद थी, वहीं अब यह अवैध मुरूम उत्खनन और सिस्टम की लापरवाही का उदाहरण बनती जा रही है।
ग्रामीणों ने मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की है।


