देवभोग में तहसीलदार सुशील भोई की कार्रवाई, धान से भरी पिकअप गाड़ी भी जब्त; समर्थन मूल्य पर खरीदी से पहले अवैध परिवहन पर प्रशासन की नजर
देवभोग। छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी शुरू होने से पहले ही धान के अवैध परिवहन का मामला सामने आया है। गरियाबंद जिले के सीमावर्ती देवभोग क्षेत्र में राजस्व विभाग ने कार्रवाई करते हुए ओडिशा से लाए जा रहे 40 बोरी धान को जब्त किया है। धान के परिवहन में इस्तेमाल की जा रही पिकअप गाड़ी को भी जब्त कर लिया गया है। यह कार्रवाई देवभोग तहसीलदार सुशील भोई के नेतृत्व में की गई।
पीटापारा में पकड़ा गया धान से भरा पिकअप
मिली जानकारी के अनुसार, देवभोग क्षेत्र के पीटापारा में ओडिशा से धान का परिवहन किया जा रहा था। इसी दौरान राजस्व विभाग की टीम ने कार्रवाई करते हुए 40 बोरी धान और परिवहन में इस्तेमाल किए जा रहे पिकअप वाहन को जब्त किया। जब्त वाहन का नंबर OD 08 A 3798 बताया गया है।
कार्रवाई के बाद धान और पिकअप वाहन को आगे की कार्रवाई के लिए देवभोग पुलिस के सुपुर्द किया गया है। मामले में धान के परिवहन से जुड़े दस्तावेजों और अन्य तथ्यों की जांच की जा रही है।
धान खरीदी से पहले सक्रिय हुए तस्कर
छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी शुरू होने से पहले सीमावर्ती इलाकों में दूसरे राज्य से धान लाकर खपाने की आशंका प्रशासन के लिए चुनौती बनी रहती है। ऐसे में ओडिशा से लगे देवभोग क्षेत्र में अवैध धान परिवहन पर निगरानी बढ़ाना महत्वपूर्ण हो जाता है।
समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की व्यवस्था निर्धारित नियमों के तहत पात्र किसानों से धान खरीदने के लिए की जाती है। ऐसे में दूसरे राज्य से धान लाकर प्रदेश के खरीदी केंद्रों में खपाने की कोशिशों को रोकने के लिए प्रशासन की सख्ती जरूरी है।
हालांकि, इस मामले में जब्त धान को समर्थन मूल्य पर बेचने की कोशिश की जा रही थी या नहीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। जांच के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी जरूरी
देवभोग क्षेत्र की सीमा ओडिशा से लगती है। ऐसे में धान खरीदी के दौरान सीमावर्ती रास्तों पर वाहनों की जांच और परिवहन संबंधी दस्तावेजों का सत्यापन अहम माना जाता है। राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त निगरानी से अवैध परिवहन पर रोक लगाने में मदद मिल सकती है।
तहसीलदार सुशील भोई के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई के बाद अब मामले में आगे की जांच और प्रशासनिक कार्रवाई पर नजर रहेगी।



