गरियाबंद | ग्रामीण विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और जमीनी स्तर पर व्यवस्थाओं का जायजा लेने के उद्देश्य से जिला पंचायत गरियाबंद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) श्री प्रखर चंद्राकर ने फिंगेश्वर विकासखंड के ग्राम पंचायत सुरसाबांधा का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत संचालित बायोगैस प्लांट, गौठान परिसर एवं व्यायाम केंद्र का निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों और पंचायत प्रतिनिधियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान स्वच्छ भारत मिशन के जिला सलाहकार परवेज हनफी ने बायोगैस प्लांट की कार्यप्रणाली, गैस उत्पादन प्रक्रिया तथा तकनीकी व्यवस्था की जानकारी दी। इस पर सीईओ श्री चंद्राकर ने कहा कि बायोगैस प्लांट ग्रामीणों के लिए उपयोगी एवं महत्वपूर्ण योजना है। उन्होंने सरपंच और सचिव को निर्देशित किया कि प्लांट का नियमित संचालन सुनिश्चित किया जाए तथा रखरखाव में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए, ताकि ग्रामीणों को इसका अधिकतम लाभ मिल सके।
मुर्गी शेड का उपयोग नहीं होने पर जताई नाराजगी
निरीक्षण के दौरान गौठान परिसर में निर्मित मुर्गी शेड का उपयोग नहीं होने पर सीईओ ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों को निर्देश दिए कि शेड का शीघ्र उपयोग शुरू किया जाए। उन्होंने कहा कि मुर्गी पालन जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देकर ग्रामीणों के लिए अतिरिक्त आय और रोजगार के अवसर विकसित किए जा सकते हैं।
व्यायाम केंद्र के नियमित संचालन पर दिया जोर
सीईओ श्री चंद्राकर ने ग्राम पंचायत में स्थापित व्यायाम केंद्र का भी निरीक्षण किया। उन्होंने उपलब्ध सुविधाओं का अवलोकन करते हुए कहा कि युवाओं के स्वास्थ्य और फिटनेस को बढ़ावा देने के लिए इस केंद्र का नियमित उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
निरीक्षण के दौरान जनपद पंचायत फिंगेश्वर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, स्वच्छ भारत मिशन के ब्लॉक समन्वयक, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) की जिला टीम, स्वच्छ भारत मिशन के जिला सलाहकार, ग्राम पंचायत सुरसाबांधा के सरपंच, सचिव तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।





