गरियाबंद। जिले की प्रभारी सचिव एवं नगरीय प्रशासन तथा विकास विभाग की सचिव श्रीमती आर. संगीता ने आज जिला मुख्यालय स्थित पीएम श्री स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिन्दी माध्यम विद्यालय गरियाबंद का निरीक्षण कर विद्यालय की शैक्षणिक एवं भौतिक व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्कूल परिसर की साफ-सफाई, रंग-रोगन, पोताई, कक्षाओं की स्थिति, बोर्ड परीक्षा परिणाम, शिक्षक प्रशिक्षण एवं शिक्षण व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
इस दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री प्रखर चंद्राकर, अपर संचालक पुलक भट्टाचार्य, अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी शशांक पाण्डेय एवं संयुक्त संचालक एस.के. सुंदरानी उपस्थित रहे।
प्रभारी सचिव श्रीमती आर. संगीता ने शिक्षकों की बैठक लेकर बोर्ड परीक्षा परिणामों की जानकारी ली। शिक्षकों ने बताया कि विद्यालय का बारहवीं बोर्ड परीक्षा परिणाम 88.73 प्रतिशत तथा दसवीं बोर्ड परीक्षा परिणाम 66 प्रतिशत रहा। दसवीं का परीक्षा परिणाम अपेक्षाकृत कम आने पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए आगामी सत्र में बेहतर परिणाम लाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि संस्था प्रमुख स्कूल में शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को अनुशासित रखें। कमजोर विद्यार्थियों पर विशेष ध्यान दिया जाए तथा रिवीजन के दौरान अनुपस्थित रहने वाले बच्चों की जानकारी तत्काल पालकों को दी जाए।
उन्होंने विद्यालय को मॉडल स्कूल के रूप में विकसित करने, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने, डिजिटल एवं व्यावसायिक शिक्षा को मजबूत करने तथा कर्मयोगी एप के माध्यम से शिक्षकों के प्रशिक्षण की समीक्षा भी की। शिक्षकों ने बताया कि कर्मयोगी एप के माध्यम से 50 घंटे तक प्रशिक्षण प्राप्त किया जा चुका है।
श्रीमती संगीता ने स्कूल में सोलर सिस्टम, वाटर हार्वेस्टिंग, हेल्थ केयर, कृषि एवं व्यवसायिक शिक्षकों की नियुक्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वेच्छा से पढ़ाने वाले सेवानिवृत्त शिक्षकों की पहचान कर उन्हें विद्यालय में अध्यापन के लिए प्रेरित किया जाए।
उन्होंने स्कूल परिसर की नियमित साफ-सफाई एवं गार्डनिंग कराने के निर्देश देते हुए कहा कि नए प्रवेश लेने वाले बच्चों के लिए विद्यालय का वातावरण आकर्षक और प्रेरणादायक होना चाहिए।
प्रभारी सचिव ने कहा कि एक अच्छे नागरिक का निर्माण शिक्षक ही कर सकते हैं, क्योंकि बच्चे घर से अधिक समय विद्यालय में बिताते हैं। शिक्षक स्वयं समय पर उपस्थित होकर गंभीरता से अपने दायित्वों का निर्वहन करें। उन्होंने कहा कि बच्चे उसी माहौल में ढलते हैं जैसा वातावरण उन्हें विद्यालय में मिलता है।
उन्होंने जानकारी दी कि विद्यालय में वाटर कूलर, दो डिजिटल बोर्ड, कंप्यूटर लैब सुविधा एवं नेशनल डिजिटल लाइब्रेरी जैसी व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। शिक्षकों को निर्देशित करते हुए उन्होंने कहा कि टिचिंग प्लान बनाकर बच्चों को पढ़ाया जाए तथा कमजोर विद्यार्थियों की पढ़ाई पर विशेष फोकस किया जाए।
निरीक्षण के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी श्री जगजीत सिंह धीर, बीईओ श्री गजेन्द्र ध्रुव, एपीओ श्री बुद्धविलास सिंह सहित शिक्षकगण उपस्थित थे।



