राधे पटेल / गरियाबंद प्रशासनिक ढांचे को और अधिक चुस्त-दुरुस्त और हाई-टेक बनाने के लिए गरियाबंद जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। सरकारी कार्यालयों में फाइलों की रफ्तार बढ़ाने और कर्मचारियों की कार्यक्षमता (Efficiency) को सुधारने के लिए ‘कर्मयोगी भारत’ मिशन के तहत एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
कलेक्टर का कड़ा निर्देश: 4 घंटे की ट्रेनिंग और AI कोर्स जरूरी

गरियाबंद के कलेक्टर श्री बी.एस. उइके ने अधिकारियों की एक अहम बैठक लेते हुए साफ कर दिया है कि जिले के सभी अधीनस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों को ‘साधना सप्ताह 2026’ (2 अप्रैल से 10 अप्रैल) को गंभीरता से लेना होगा। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि हर कर्मचारी को iGOT (Integrated Government Online Training) कर्मयोगी पोर्टल पर कम से कम 4 घंटे का कोर्स पूरा कर सर्टिफिकेट हासिल करना होगा। बदलते वक्त की मांग को देखते हुए यह भी अनिवार्य किया गया है कि उपलब्ध पाठ्यक्रमों में से कम से कम एक ‘कृत्रिम बुद्धिमत्ता’ (Artificial Intelligence – AI) आधारित कोर्स जरूर पढ़ा जाए।
बैठक में दी गई बारीकियों की जानकारी
इस खास बैठक में एनआईसी (NIC) के उपनिदेशक श्री नेहरू निराला ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन (PPT) के जरिए कर्मचारियों को पोर्टल की बारीकियां समझाईं। उन्होंने बताया कि रजिस्ट्रेशन से लेकर सर्टिफिकेट डाउनलोड करने तक की क्या प्रक्रिया होगी और तकनीकी समस्या आने पर सपोर्ट टीम से कैसे संपर्क किया जाए।
कड़ी निगरानी और वीडियो अपलोड करने के निर्देश

प्रशासनिक अमला इस ट्रेनिंग को लेकर कितना सख्त है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि विभागीय स्तर पर होने वाले सेमिनार और ट्रेनिंग की वीडियो क्लिप अनिवार्य रूप से iGOT पोर्टल पर अपलोड करनी होगी। इतना ही नहीं, कौन सा कर्मचारी ट्रेनिंग ले रहा है और कौन लापरवाही बरत रहा है, इसकी डैशबोर्ड के जरिए नोडल अधिकारियों द्वारा नियमित मॉनिटरिंग (निगरानी) की जाएगी।
बैठक में अपर कलेक्टर पंकज डाहिरे, महाप्रबंधक (उद्योग) दीनबंधु ध्रुव, उप संचालक (पंचायत) श्रीमती पद्मनी हरदेव और कार्यपालन अधिकारी सुश्री रश्मि गुप्ता समेत कई आला अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन की इस ‘डिजिटल सर्जिकल स्ट्राइक’ का सीधा मकसद जनता को बेहतर, पारदर्शी और तेज प्रशासनिक सेवाएं मुहैया कराना है।


