गरियाबंद। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कल गरियाबंद प्रवास के दौरान जिला पंचायत कार्यालय परिसर में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पीपल का पौधा रोपित कर पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण का प्रेरणादायक संदेश दिया। मुख्यमंत्री सुशासन तिहार के अंतर्गत आयोजित संभागीय समीक्षा बैठक में शामिल होने गरियाबंद पहुंचे थे।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2025 में प्रारंभ किया गया ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान जनभागीदारी के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। यह अभियान लोगों को अपनी माताओं के सम्मान में पौधारोपण करने और प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित करता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष भी पूरे देश में यह अभियान उत्साह और जनसहभागिता के साथ संचालित किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ में भी बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण किया जा रहा है, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ हरित आवरण को बढ़ाने में मदद मिलेगी। उन्होंने प्रदेशवासियों से अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनके संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया।
श्री साय ने कहा कि वृक्ष केवल पर्यावरण को संतुलित नहीं रखते, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ व सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक को प्रकृति संरक्षण के इस अभियान में सहभागी बनना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने भी विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। पौधारोपण कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों तथा विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
इस अवसर पर राजिम विधायक श्री रोहित साहू, बिंद्रानवागढ़ विधायक श्री जनक ध्रुव, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री गौरीशंकर कश्यप, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, जनसंपर्क विभाग के आयुक्त एवं मुख्यमंत्री के विशेष सचिव श्री रजत बंसल, संभागायुक्त श्री श्याम धावड़े, पुलिस महानिरीक्षक श्री अमरेश मिश्रा, कलेक्टर श्री बी.एस. उइके, पुलिस अधीक्षक श्री वेदव्रत सिरमौर सहित रायपुर संभाग के विभिन्न जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के माध्यम से प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण और जन-जागरूकता का संदेश लगातार जन-जन तक पहुंच रहा है तथा लोगों को प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का एहसास करा रहा है।



