अमलीपदर में उद्यमिता विकास तो रुवाड़ में 30 दिवसीय राजमिस्त्री प्रशिक्षण का आयोजन, प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण-पत्र के साथ बांटी गई कार्य सामग्री
गरियाबंद। ग्रामीण क्षेत्र के बेरोजगार युवक-युवतियों को कौशल प्रशिक्षण देकर स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) गरियाबंद द्वारा पहल की जा रही है। इसी कड़ी में संस्थान ने जिले की दो ग्राम पंचायतों में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर कुल 58 युवक-युवतियों को निःशुल्क प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को व्यवसाय शुरू करने, उसका संचालन करने और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं।
संस्थान द्वारा ग्राम पंचायत अमलीपदर में 28 अक्टूबर से 2 नवंबर 2026 तक छह दिवसीय उद्यमिता विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें 23 प्रशिक्षार्थियों ने हिस्सा लिया। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें उद्यमिता विकास, व्यवसाय प्रबंधन, बाजार सर्वेक्षण, बैंकिंग व्यवस्था, शासकीय योजनाओं और स्वरोजगार स्थापित करने की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। 2 नवंबर को आकलन के बाद प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण-पत्र वितरित कर कार्यक्रम का समापन किया गया।
इसी तरह जिला पंचायत गरियाबंद के सहयोग से ग्राम पंचायत रुवाड़ में 5 अक्टूबर से 4 नवंबर 2026 तक 30 दिवसीय राजमिस्त्री प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें 35 प्रशिक्षार्थियों को राजमिस्त्री कार्य का सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। इसके साथ ही व्यवसाय प्रबंधन, उद्यमिता विकास, शासकीय योजनाओं और स्वयं का रोजगार स्थापित करने के तरीके भी बताए गए।
प्रशिक्षार्थियों को मिली कार्य सुरक्षा सामग्री
राजमिस्त्री प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षार्थियों को कार्यस्थल पर सुरक्षा और उपयोग के लिए हेलमेट, जैकेट, करणी, मेजरिंग टेप सहित आवश्यक सामग्री निःशुल्क वितरित की गई। 4 नवंबर को प्रशिक्षण का आकलन और प्रमाण-पत्र वितरण के साथ समापन हुआ।
आरसेटी के इन कार्यक्रमों का उद्देश्य ग्रामीण युवाओं को रोजगार के पारंपरिक और नए अवसरों से जोड़ना, उनके तकनीकी कौशल को विकसित करना तथा उन्हें नौकरी तलाशने के बजाय स्वयं का व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रेरित करना है।



