पुलिस के विशेष अभियान में सात थानों की टीमों को मिली सफलता, अब तक मिले लोगों के साथ किसी अपराध या अनहोनी की पुष्टि नहीं
रायपुर। राजधानी में लापता लोगों की तलाश के लिए चलाए गए विशेष अभियान में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। रायपुर पुलिस कमिश्नरेट के सेंट्रल जोन में दर्ज 50 गुमशुदगी के मामलों में से पुलिस ने 39 लोगों को खोजकर उनके परिजनों से मिलवा दिया है। वहीं, शेष 11 लोगों की तलाश अब भी जारी है। पुलिस की जांच में सामने आया कि कई लोग रोजगार की तलाश, पारिवारिक नाराजगी और प्रेम संबंधों सहित अलग-अलग व्यक्तिगत कारणों से घर छोड़कर चले गए थे।
पुलिस के मुताबिक, अब तक मिले सभी 39 लोगों से पूछताछ और जांच में किसी के साथ अपराध या किसी प्रकार की अनहोनी होने की पुष्टि नहीं हुई है। यह विशेष अभियान डीसीपी सेंट्रल जोन तारकेश्वर पटेल के निर्देशन और एडिशनल डीसीपी विवेक शुक्ला के मार्गदर्शन में चलाया गया। विभिन्न थाना क्षेत्रों की पुलिस टीमों ने लगातार पतासाजी, परिजनों से संपर्क और आपसी समन्वय के जरिए लापता लोगों का पता लगाया। 30 अक्टूबर 2026 तक 39 लोगों को खोजने में सफलता मिली।
मौदहापारा में सबसे ज्यादा 11 लोग मिले
सेंट्रल जोन के सात थानों में दर्ज गुमशुदगी के मामलों में मौदहापारा थाना क्षेत्र में सबसे ज्यादा सफलता मिली। यहां दर्ज 12 मामलों में से 11 लोगों को खोज लिया गया। वहीं, देवेंद्र नगर थाना क्षेत्र में दर्ज सभी चार मामलों में लापता लोगों का पता लगा लिया गया।
थानावार गुमशुदगी और मिले लोगों का आंकड़ा
| थाना | कुल मामले | मिले लोग |
|---|---|---|
| मौदहापारा | 12 | 11 |
| सिविल लाइन | 10 | 6 |
| तेलीबांधा | 8 | 7 |
| गंज | 7 | 4 |
| कोतवाली | 5 | 4 |
| गोलबाजार | 4 | 3 |
| देवेंद्र नगर | 4 | 4 |
| कुल | 50 | 39 |
कोई काम की तलाश में गया, तो कोई नाराज होकर घर छोड़ गया
पुलिस की जांच में लोगों के लापता होने के पीछे अलग-अलग परिस्थितियां सामने आई हैं। कुछ लोग रोजगार की तलाश में दूसरे शहर चले गए थे, जबकि कुछ पारिवारिक विवाद या नाराजगी के चलते घर छोड़कर चले गए। कुछ मामलों में मानसिक अस्वस्थता के कारण लोग अपने परिवार से बिछड़ गए थे। वहीं, प्रेम संबंधों के चलते घर छोड़ने और विवाह करने के मामले भी सामने आए हैं।
पुलिस के मुताबिक, नवरात्रि के दौरान कुछ लोग अपने परिजनों को बिना बताए डोंगरगढ़ दर्शन के लिए भी चले गए थे। इस दौरान उनके परिवारों ने गुमशुदगी की शिकायत दर्ज करा दी थी।
11 लोगों की तलाश अब भी जारी
पुलिस की ओर से बताया गया है कि शेष 11 लापता लोगों की तलाश के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। संबंधित थानों की टीमें परिजनों के संपर्क में हैं और उपलब्ध जानकारियों के आधार पर पतासाजी कर रही हैं।
एफआईआर दर्ज होने का मतलब अपहरण नहीं
पुलिस ने गुमशुदगी के मामलों को लेकर फैलाई जा रही अपुष्ट खबरों पर भी स्थिति स्पष्ट की है। पुलिस के अनुसार, 22 मई 2026 के बाद प्राप्त गुमशुदगी की सूचनाओं पर सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार भारतीय न्याय संहिता के प्रावधानों के तहत एफआईआर दर्ज कर तलाश और जांच की जा रही है। केवल एफआईआर दर्ज होने का अर्थ यह नहीं है कि संबंधित व्यक्ति का अपहरण हुआ है या उसके साथ कोई अपराध घटित हुआ है।
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि गुमशुदगी और अपहरण से जुड़ी अपुष्ट सूचनाओं पर भरोसा न करें और बिना तथ्यात्मक पुष्टि के ऐसी खबरें सोशल मीडिया पर साझा करने से बचें।


