नन्हे विद्यार्थियों ने आरती उतारकर लिया बुजुर्गों का आशीर्वाद, सम्मान के जरिए दिया सामाजिक समरसता का संदेश
मैनपुर। अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर 1 अक्टूबर को शासकीय आदर्श प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शाला देहारगुड़ा, संकुल केंद्र गिरहोला में वृद्धजन सम्मान कार्यक्रम का गरिमामय आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में बुजुर्गों के प्रति सम्मान, सेवा, संवेदनशीलता और भारतीय संस्कृति में निहित पारिवारिक मूल्यों की भावना विकसित करना रहा।
कार्यक्रम के दौरान ग्राम की वरिष्ठ नागरिक श्रीमती कुंजो बाई नेताम (75 वर्ष) एवं श्रीमती सुहद्रा बाई दीवान (85 वर्ष) का विद्यालय परिवार की ओर से आत्मीय सम्मान किया गया। विद्यालय की ओर से दोनों वृद्धजनों को शाल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया।
इसके बाद विद्यालय के नन्हे विद्यार्थियों ने श्रद्धा और सम्मान के साथ दोनों वृद्धजनों की आरती उतारी तथा उनके चरण स्पर्श कर आशीर्वाद प्राप्त किया। बच्चों के इस आत्मीय व्यवहार से विद्यालय का वातावरण भावुक और संस्कारमय हो गया।
कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि बुजुर्ग परिवार और समाज की अमूल्य धरोहर हैं। उनके जीवन का अनुभव, संघर्ष और सीख नई पीढ़ी के लिए महत्वपूर्ण मार्गदर्शन का काम करते हैं। वृद्धजनों का सम्मान केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि परिवार और समाज के प्रति जिम्मेदारी तथा मानवीय संवेदनाओं को मजबूत करने का माध्यम है।
इस अवसर पर प्रधान पाठक चित्रसेन पटेल, शिक्षक ओमप्रकाश वैष्णव एवं कांतिलाल साहू उपस्थित रहे। विद्यालय परिवार ने विद्यार्थियों को बुजुर्गों के प्रति हमेशा आदर, सहयोग और सेवा की भावना रखने के लिए प्रेरित किया।
प्रधान पाठक चित्रसेन पटेल ने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में संस्कार और मानवीय मूल्यों को मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। बुजुर्गों का सम्मान हमारी संस्कृति की पहचान है। बच्चों को बचपन से ही वरिष्ठजनों के अनुभव, स्नेह और आशीर्वाद का महत्व समझना चाहिए।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय परिवार ने “वृद्धों का सम्मान, समाज का सम्मान” का संदेश देते हुए विद्यार्थियों को अपने घर-परिवार और समाज के वरिष्ठजनों के प्रति प्रेम, सम्मान एवं सेवा भाव बनाए रखने के लिए प्रेरित किया।


