वर्दी पहनने का सपना अब होगा तैयारी के साथ मजबूत, लिखित परीक्षा से फिजिकल तक मिलेगा मार्गदर्शन; 211 बटालियन की पहल युवाओं के लिए रोजगार की नई राह
मैनपुर ।दूर-दराज के गांवों में रहने वाले युवाओं की आंखों में वर्षों से वर्दी पहनने और देश की सेवा करने का सपना है। प्रतिभा की कमी नहीं, मेहनत करने का जज्बा भी है, लेकिन कई बार सही मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और संसाधनों का अभाव इन सपनों के रास्ते में दीवार बन जाता है। अब ऐसी ही दीवार को तोड़ने की पहल मैनपुर क्षेत्र में शुरू हुई है।
बी/211 बटालियन जुगाड़ कैंप में स्थानीय युवाओं के लिए निःशुल्क भर्ती तैयारी कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया है। 25 सितंबर 2026 को रायपुर रेंज के पुलिस उप महानिरीक्षक उदय भास्कर बिल्ला (आईपीएस) ने इस कार्यक्रम की शुरुआत की। इसका उद्देश्य केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में सिपाही/GD, राज्य पुलिस सहित विभिन्न भर्ती परीक्षाओं के लिए युवाओं को तैयार करना है।
सिर्फ प्रशिक्षण नहीं, सपनों को दिशा देने की पहल
यह कार्यक्रम उन युवाओं के लिए खास मायने रखता है, जो वर्षों से अवसर की तलाश में हैं। यहां उन्हें लिखित परीक्षा की तैयारी, अध्ययन सामग्री, भर्ती प्रक्रिया की जानकारी और शारीरिक दक्षता का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
यानी गांव का युवा अब तैयारी के लिए शहरों की ओर देखने को मजबूर नहीं होगा। अवसर उसके अपने क्षेत्र में पहुंचेगा, मार्गदर्शन मिलेगा और तैयारी के साथ आत्मविश्वास भी बढ़ेगा।
लिखित परीक्षा से मैदान तक होगी तैयारी
भर्ती की तैयारी केवल किताबों तक सीमित नहीं रखी गई है। युवाओं को लिखित परीक्षा के साथ-साथ फिजिकल फिटनेस, अनुशासन, नियमित अभ्यास और शारीरिक दक्षता पर भी तैयार किया जाएगा।
उद्देश्य साफ है—दूरस्थ अंचल के युवाओं को ऐसी तैयारी उपलब्ध कराना, जिससे वे भर्ती प्रक्रिया के अलग-अलग चरणों का आत्मविश्वास के साथ सामना कर सकें।
युवाओं को मिला सफलता का मंत्र
कार्यक्रम में डीआईजी उदय भास्कर बिल्ला ने अभ्यर्थियों से सीधे संवाद किया। उन्होंने युवाओं को नियमित अध्ययन, अनुशासन, शारीरिक दक्षता और निरंतर अभ्यास को सफलता का आधार बताते हुए लक्ष्य निर्धारित कर पूरी मेहनत से तैयारी करने के लिए प्रेरित किया।
यह पहल ऐसे समय में महत्वपूर्ण है, जब छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए सेना और सुरक्षा बलों की भर्ती में लिखित परीक्षा के साथ शारीरिक दक्षता भी महत्वपूर्ण चरण है। भारतीय सेना की 2026 भर्ती प्रक्रिया में भी लिखित परीक्षा के बाद फिजिकल फिटनेस, शारीरिक मापदंड, दस्तावेज सत्यापन और मेडिकल जांच जैसे चरण शामिल हैं।
रोजगार की दिशा में सशक्त अभियान
जुगाड़ कैंप में शुरू हुआ यह प्रशिक्षण केवल भर्ती की तैयारी नहीं, बल्कि स्थानीय युवाओं को रोजगार से जोड़ने की दिशा में एक सशक्त अभियान है।
जिन गांवों में संसाधन सीमित हैं, वहां के युवाओं को अवसर उपलब्ध कराना इस पहल का अहम पक्ष है। गरीब, प्रतिभावान और इच्छुक युवाओं को आगे बढ़ने का मंच देकर उनके सपनों को हकीकत में बदलने की राह तैयार की जा रही है।
इसी उद्देश्य से शोभा कैंप और इंदागांव कैंप में भी निःशुल्क भर्ती तैयारी कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।
आंखों में सपना, अब उसे पूरा करने का मैदान
मैनपुर अंचल के दूरस्थ गांवों में रहने वाले कई युवाओं के लिए सरकारी वर्दी वाली नौकरी सिर्फ रोजगार नहीं, बल्कि सम्मान, आत्मनिर्भरता और परिवार के भविष्य को बेहतर बनाने का सपना है।
अब इन युवाओं के सामने तैयारी का एक नया रास्ता खुला है—
सपना वही रहेगा, लेकिन अब उसके साथ सही मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और आत्मविश्वास भी होगा।
जुगाड़ कैंप से शुरू हुई यह पहल अगर युवाओं की मेहनत से जुड़ती है, तो आने वाले समय में इसी क्षेत्र के गांवों से निकलने वाले युवा भर्ती परीक्षाओं के मैदान में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज करा सकते हैं।
अधिकारी, जनप्रतिनिधि और अभिभावक रहे मौजूद
कार्यक्रम में 211 बटालियन के प्रभारी कमांडेंट डॉ. विनोद कुमार टंडन, द्वितीय कमान अधिकारी प्रज्ञेश कुमार अटल, उप कमांडेंट दिनेश कुमार, सहायक कमांडेंट एवं कमान अधिकारी बी/211 बटालियन चिरंजीव कुमार, ए/211 बटालियन के कमान अधिकारी निरंजन कुमार, जिला पंचायत अध्यक्ष गरियाबंद गौरीशंकर कश्यप, ग्राम पंचायत तौरेंगा की सरपंच सोहनंतीन बाई सोरी, अधिकारी-जवान, अभ्यर्थी, अभिभावक और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
अब गांव के मैदान से निकलेगा वर्दी का सपना
दूरस्थ अंचल के युवाओं के लिए यह सिर्फ एक प्रशिक्षण शिविर नहीं, बल्कि अवसर तक पहुंचने का रास्ता है।
जहां कभी सही मार्गदर्शन की कमी सपनों को रोकती थी, वहां अब प्रशिक्षण, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का मौका है।
सपने आंखों में पहले भी थे…
अब उन्हें पूरा करने के लिए मैदान भी तैयार है।

