कलेक्टर जनदर्शन में आवेदन देकर जताई इच्छा, बोले- चिकित्सा शिक्षा और शोध में उपयोगी हो देह; कलेक्टर ने पहल को बताया प्रेरणादायी
मैनपुर। मैनपुर खुर्द के यशवंत प्रसाद शर्मा ने ऐसा संकल्प लिया है, जो समाज के लिए मिसाल बन सकता है। उन्होंने मृत्यु के बाद अपना संपूर्ण शरीर चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान के लिए दान करने की इच्छा जताई है। मंगलवार को कलेक्टर जनदर्शन में पहुंचकर उन्होंने कलेक्टर बीएस उईके को देहदान संबंधी आवेदन सौंपा।
शर्मा ने बताया कि उन्होंने अपने परिवार को भी इस निर्णय की जानकारी दे दी है। परिवार की सहमति के बाद उन्होंने देहदान का संकल्प लिया है। उनका कहना है कि मृत्यु के बाद शरीर को चिकित्सा शिक्षा और शोध के काम में लाया जा सके तो इससे विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं को मदद मिलेगी। उनके अनुसार देहदान समाजसेवा का ऐसा माध्यम है, जिससे व्यक्ति मृत्यु के बाद भी समाज के लिए उपयोगी रह सकता है।
लंबे समय से जनसेवा से जुड़े हैं
यशवंत प्रसाद शर्मा मैनपुर में शर्मा ऑटो सेंटर का संचालन करते हैं। वे पत्रकारिता से भी जुड़े रहे हैं और श्रमजीवी पत्रकार संघ के ब्लॉक अध्यक्ष के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। जनहित और सामाजिक सरोकारों से जुड़े कई कार्यों में उनकी सक्रिय भागीदारी रही है।
कलेक्टर ने कहा- दूसरों को भी प्रेरणा मिलेगी
कलेक्टर बीएस उईके ने शर्मा के देहदान के निर्णय की सराहना की। उन्होंने कहा कि मृत्यु के बाद देहदान चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान के लिए महत्वपूर्ण योगदान है। इससे चिकित्सा क्षेत्र के विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं को लाभ मिल सकता है।
कलेक्टर ने शर्मा की भावना का सम्मान करते हुए उन्हें इस पहल के लिए प्रोत्साहित किया। साथ ही संबंधित विभाग और संस्था के माध्यम से देहदान की आवश्यक प्रक्रिया और औपचारिकताएं पूरी कराने के निर्देश दिए।
जनदर्शन के दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रखर चंद्राकर, अपर कलेक्टर पंकज डाहिरे, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. यूएस नवरत्न सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

