धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, निष्पक्ष जांच और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग उठाई
मैनपुर। देशभर में चल रहे छात्र आंदोलन और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग के बीच सोमवार को संयुक्त छात्र संघ मैनपुर ने भी अपनी आवाज बुलंद की। छात्र संघ के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में छात्र एसडीएम कार्यालय मैनपुर पहुंचे, जहां उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाने की मांग की। हाल के दिनों में देशभर में परीक्षा प्रणाली और शिक्षा मंत्री के खिलाफ प्रदर्शन तेज हुए हैं।
ज्ञापन में छात्रों ने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता और करोड़ों छात्रों के भविष्य से जुड़े गंभीर मुद्दों पर सरकार को संवेदनशीलता के साथ निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा संबंधी अनियमितताओं और कथित नीट पेपर लीक जैसी घटनाओं ने लाखों विद्यार्थियों और उनके परिवारों का भरोसा कमजोर किया है।
ज्ञापन में रखी गई प्रमुख मांगें
संयुक्त छात्र संघ द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में प्रधानमंत्री से निम्नलिखित मांगें की गईं—
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की नैतिक जिम्मेदारी तय करते हुए उन्हें पद से हटाया जाए।
- कथित नीट पेपर लीक मामले की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
- शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी सुधार लागू किए जाएं।
- जिन छात्रों की इस मामले से जुड़ी परिस्थितियों में मृत्यु हुई है, उनके मामलों की निष्पक्ष जांच कर पात्र पाए जाने पर उनके परिवारों को 1करोड़ की आर्थिक सहायता एवं न्याय प्रदान किया जाए।
लोकतांत्रिक तरीके से उठाई आवाज
छात्र नेताओं ने कहा कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक है। उन्होंने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करेगी और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए ठोस कदम उठाएगी।
देशभर में जारी है छात्र आंदोलन
उल्लेखनीय है कि दिल्ली के जंतर-मंतर सहित कई शहरों में छात्र संगठन शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा में कथित अनियमितताओं और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। इन प्रदर्शनों ने राष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा सुधार और जवाबदेही की बहस को तेज कर दिया है।







