राजिम। गरियाबंद जिले के राजिम में शुक्रवार को किसानों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। खाद की भारी किल्लत, बढ़ती महंगाई, पेट्रोल-डीजल की लगातार बढ़ती कीमतें, खाद की कालाबाजारी और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी सहित विभिन्न मांगों को लेकर हजारों किसानों ने विशाल ट्रैक्टर रैली निकालकर शक्ति प्रदर्शन किया। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी और भारतीय किसान यूनियन के नेतृत्व में आयोजित इस आंदोलन ने पूरे राजिम नगर को आंदोलनमय बना दिया।
कृषि उपज मंडी परिसर से शुरू हुई ट्रैक्टर रैली शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए पंडित सुंदरलाल शर्मा चौक पहुंची, जहां किसानों ने चक्काजाम कर केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर अपनी मांगों के समर्थन में जोरदार प्रदर्शन किया।
आंदोलन में पूर्व विधायक एवं छत्तीसगढ़ के प्रथम पंचायत मंत्री अमितेष शुक्ल, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष रूपेश साहू, किसान नेता तेजराम विद्रोही सहित बड़ी संख्या में किसान, जनप्रतिनिधि और कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए। नेताओं ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि खेती-किसानी लगातार संकट के दौर से गुजर रही है, लेकिन सरकार किसानों की समस्याओं के समाधान के प्रति गंभीर नजर नहीं आ रही है।
खाद की किल्लत और कालाबाजारी से परेशान किसान
प्रदर्शनकारी किसानों का आरोप है कि खरीफ सीजन की बुवाई शुरू होने के बावजूद सहकारी समितियों और खाद विक्रेताओं के पास पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध नहीं है। किसानों को घंटों लाइन में लगने के बाद भी खाद नहीं मिल पा रही है। वहीं कालाबाजारी के कारण किसानों को बाजार में खाद ऊंचे दामों पर खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
किसानों ने कहा कि डीजल और पेट्रोल की बढ़ती कीमतों ने खेती की लागत को कई गुना बढ़ा दिया है। ट्रैक्टर चलाने से लेकर सिंचाई और कृषि कार्यों तक हर क्षेत्र में लागत बढ़ने से किसानों की आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है।
MSP की कानूनी गारंटी की मांग
आंदोलन के दौरान किसानों ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को कानूनी दर्जा देने की मांग भी दोहराई। किसान नेताओं का कहना है कि जब तक एमएसपी को कानूनी गारंटी नहीं मिलेगी, तब तक किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल सकेगा। उन्होंने सरकार से किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।
मांगें पूरी नहीं हुईं तो होगा बड़ा आंदोलन
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ही खाद संकट, कालाबाजारी और अन्य कृषि संबंधी समस्याओं का समाधान नहीं किया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। किसानों ने कहा कि वे अपने अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखेंगे और आवश्यकता पड़ने पर प्रदेशव्यापी आंदोलन भी किया जाएगा।
घंटों प्रभावित रहा यातायात
पंडित सुंदरलाल शर्मा चौक में चक्काजाम के कारण राजिम नगर के प्रमुख मार्गों पर कई घंटों तक यातायात प्रभावित रहा। स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए प्रशासन द्वारा भारी पुलिस बल और अधिकारियों की तैनाती की गई थी। हालांकि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, लेकिन ट्रैक्टरों और किसानों की भारी भीड़ के कारण शहर में आवागमन प्रभावित हुआ।
किसानों के इस शक्ति प्रदर्शन ने एक बार फिर कृषि क्षेत्र से जुड़ी समस्याओं को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित किया है। अब किसानों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि उनकी मांगों पर शासन-प्रशासन क्या कदम उठाता है।





