गरियाबंद। छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन “बिहान” के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना, लक्ष्य आधारित प्रगति और आगामी रणनीतियों की समीक्षा के लिए जिला पंचायत गरियाबंद में एक दिवसीय उन्मुखीकरण सह समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) श्री प्रखर चंद्राकर ने की।
जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित इस बैठक में जिले के सभी विकासखंडों के परियोजना प्रबंधक, आईएफसी एंकर, क्षेत्रीय समन्वयक, पीआरपी, वरिष्ठ सीआरपी, एफपीओ एवं एफपीसी के सीईओ सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान सीईओ श्री चंद्राकर ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए निर्धारित लक्ष्यों की समीक्षा करते हुए सभी विकासखंडों को समय-सीमा के भीतर लक्ष्य प्राप्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रत्येक इकाई को योजनाबद्ध और परिणामोन्मुखी तरीके से कार्य करना होगा।
समीक्षा बैठक में आईएफसी की प्रगति एवं नवीन प्रस्तावों, लखपति दीदी और लखपति ग्राम योजनाओं की स्थिति, जिले में संचालित 10 एफपीओ एवं एफपीसी की प्रगति, प्रोड्यूसर ग्रुप के गठन एवं संचालन, एसवीईपी और ओएसएफ गतिविधियों, फार्म एवं नॉन-फार्म आजीविका कार्यक्रमों सहित विभिन्न योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की गई।
इसके अलावा एसआईएसडी लक्ष्य, समूह सैचुरेशन, सीएलएफ ट्रांजेक्शन एंट्री, मॉडल सीएलएफ एमपीआर प्रविष्टि, बैंक लिंकेज, एंटरप्राइज फाइनेंस तथा एनपीए की स्थिति पर भी चर्चा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
सीईओ श्री चंद्राकर ने कहा कि बिहान मिशन केवल आजीविका संवर्धन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने और महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने का एक व्यापक अभियान है। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से मिशन के उद्देश्यों के अनुरूप कार्य करते हुए महिला स्व-सहायता समूहों को मजबूत करने, ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देने तथा आजीविका के नए अवसर सृजित करने के लिए समन्वित प्रयास करने का आह्वान किया।
बैठक में यह भी जोर दिया गया कि विभिन्न योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए मैदानी स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए, ताकि जिले में महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास को नई गति मिल सके।



