गरियाबंद। जनपद पंचायत मैनपुर में वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान “मोर गांव मोर पानी” अभियान के तहत जल संरक्षण और जल संवर्धन को लेकर व्यापक स्तर पर कार्य किए गए। शासन, प्रशासन, जनसहभागिता और लोक सहयोग के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में तालाबों की सफाई, नहर एवं नालियों की सफाई तथा नई जल संरचनाओं के निर्माण का कार्य बड़े पैमाने पर कराया गया।
अभियान के अंतर्गत विशेष जनभागीदारी कार्यक्रम चलाकर जनप्रतिनिधियों, ग्राम प्रतिनिधियों और गांव के वरिष्ठ नागरिकों ने सक्रिय भूमिका निभाई। ग्रामीणों ने श्रमदान कर जल संरचनाओं के निर्माण एवं संरक्षण में सहयोग दिया। “मोर गांव मोर पानी” अभियान के माध्यम से गांव-गांव में जल संरक्षण को लेकर नई जागरूकता देखने को मिली।
जल संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए विभिन्न ग्राम पंचायतों में जनजागरूकता रैलियों का आयोजन किया गया। इन रैलियों के माध्यम से ग्रामीणों को पानी बचाने, वर्षा जल संग्रहण और जल स्रोतों के संरक्षण के महत्व के बारे में जानकारी दी गई। बड़ी संख्या में ग्रामीणों, युवाओं और महिलाओं ने रैलियों में भाग लेकर जल बचाने का संकल्प लिया।
अभियान के तहत जल शक्ति अभियान 2.0 में 4300 एंट्री दर्ज की गईं, जो मैनपुर क्षेत्र में अभियान की सक्रियता और जनसहभागिता को दर्शाता है। महिला स्व-सहायता समूहों और मनरेगा श्रमिकों ने भी इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लिया। उन्होंने जल स्रोतों को प्रदूषण से बचाने, पानी की बर्बादी रोकने और वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने का संकल्प लिया।
इसके साथ ही वृक्षारोपण एवं सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देकर अभियान को जन आंदोलन का स्वरूप देने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। ग्रामीणों की सक्रिय सहभागिता से “मोर गांव मोर पानी” अभियान जल संरक्षण की दिशा में एक मजबूत पहल बनकर उभर रहा है, जो आने वाले समय में जिले के जल संसाधनों को सुरक्षित रखने में अहम भूमिका निभाएगा।



