गरियाबंद। सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में प्रशासन की संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई का भावुक कर देने वाला उदाहरण सामने आया। छुरा विकासखंड के ग्राम कनसिंघी निवासी 105 वर्षीय वृद्धा राधा बाई, जो वर्षों से कच्ची झोपड़ी में जीवन यापन करने को मजबूर थीं, उन्हें कलेक्टर बीएस उईके के निर्देश पर प्राथमिकता के आधार पर मनरेगा जॉब कार्ड उपलब्ध कराया गया।

प्रदेश सरकार द्वारा संचालित “सुशासन तिहार 2026” अभियान का उद्देश्य अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाना और जनसमस्याओं का त्वरित समाधान करना है। राज्यभर में आयोजित शिविरों के माध्यम से प्रशासन ग्रामीण क्षेत्रों में सीधे पहुंचकर शिकायतों का निराकरण कर रहा है।
जानकारी के अनुसार, जब कलेक्टर बीएस उईके को राधा बाई की दयनीय स्थिति की जानकारी मिली, तब उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए शिविर में ही आवश्यक प्रक्रिया पूरी कराने के निर्देश दिए। प्रशासनिक अमले ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वृद्धा को मनरेगा जॉब कार्ड प्रदान किया।
मनरेगा जॉब कार्ड मिलने के बाद अब राधा बाई प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत पात्रता प्राप्त कर सकेंगी। ग्रामीण क्षेत्रों में आवास योजना के सर्वे और पात्रता निर्धारण में मनरेगा जॉब कार्ड एक महत्वपूर्ण दस्तावेज माना जाता है। इसके साथ ही आवास निर्माण में होने वाले श्रम कार्य की मजदूरी भी मनरेगा के माध्यम से सीधे हितग्राही के खाते में जमा की जाती है।
वर्षों से असुरक्षित आश्रय में जीवन गुजार रही 105 वर्षीय वृद्धा के लिए अब पक्के आशियाने की उम्मीद जगी है। ग्रामीणों ने प्रशासन की इस पहल की सराहना करते हुए इसे संवेदनशील शासन का उदाहरण बताया।
सुशासन तिहार के तहत प्रदेशभर में जनसमस्या निवारण शिविरों के माध्यम से आवास, पेंशन, राशन कार्ड, स्वास्थ्य, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जुड़े मामलों का मौके पर निराकरण किया जा रहा है। हाल के दिनों में कई जिलों में प्रशासन द्वारा तत्काल कार्रवाई और राहत देने के उदाहरण सामने आए हैं।
राज्य सरकार का कहना है कि योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना ही सुशासन तिहार का मुख्य उद्देश्य है। राधा बाई को मिला जॉब कार्ड इसी दिशा में प्रशासन की संवेदनशील पहल माना जा रहा है।


