राधे पटेल / गरियाबंद मुंबई, 22 अप्रैल, 2026 – मुंबई के वर्ली इलाके में मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा आयोजित ‘जन आक्रोश महिला संकल्प रैली’ के दौरान एक साधारण महिला का गुस्सा फूट पड़ा। भीषण ट्रैफिक जाम में फंसी एक महिला ने अपने बच्चे को स्कूल से लेने जाते समय अपना संयम खो दिया और सीधे महाराष्ट्र के जल संसाधन मंत्री गिरीश महाजन के सामने विरोध जताया।
महिला का यह आक्रोश का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसमें वह मंत्री और पुलिस कर्मियों को फटकार लगाती नजर आ रही है।

क्या है पूरा मामला?
दरअसल, भाजपा ने लोकसभा में महिला आरक्षण बिल (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) हारने के बाद विपक्ष (महा विकास अघाड़ी) के खिलाफ इस रैली का आयोजन किया था। यह रैली वर्ली के जाम्भोरी मैदान से शुरू होकर डोम तक जाने वाली थी, लेकिन देरी के कारण बीडीडी चॉल के पास भीषण जाम लग गया।
वीडियो में महिला मंत्री महाजन के पास जाकर चिल्लाती हुई कह रही है, “यहां से निकलो, तुम लोग ट्रैफिक जाम कर रहे हो।” उसने सवाल किया कि सड़कों पर प्रदर्शन करने की बजाय खाली मैदान में क्यों नहीं जाते।
गुस्साई महिला ने कहा, “तुम्हें समझ नहीं आता क्या? तुम लोगों को क्या हो गया है? यहां सैकड़ों लोग इंतजार कर रहे हैं। वहां खाली मैदान पड़ा है!”
मंत्री महाजन ने क्या कहा?
वीडियो वायरल होने के बाद बुधवार को मंत्री गिरीश महाजन ने इस मामले पर माफी मांगी। उन्होंने कहा, “मैं व्यक्तिगत रूप से माफी मांगता हूं। ट्रैफिक जाम के कारण हुई असुविधा के लिए मैं उस महिला और सभी लोगों से माफी चाहता हूं।”
हालांकि, उन्होंने महिला के ‘गाली-गलौज’ वाले पहलू पर भी नाराजगी जताई। उनका कहना था कि भीड़ में से किसी ने उन पर पानी की बोतल भी फेंकी, जो उचित नहीं था।
विपक्ष का पलटवार
इस घटना ने राजनीतिक घमासान मचा दिया है। महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकल ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि इस वीडियो ने भाजपा का ‘असली चेहरा’ दिखा दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा महिलाओं को गुमराह कर रही है।
कांग्रेस सांसद और मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष वर्षा गायकवाड़ ने कहा, “यह सच्ची नारी शक्ति है। एक आम महिला ने भाजपा मंत्रियों को आईना दिखा दिया। जो लोग जनता की समस्याएं नहीं सुलझा सकते, वे केवल ट्रैफिक जाम कर सकते हैं।”

आम नागरिक का आक्रोश
यह घटना इस बात का उदाहरण है कि कैसे बिना योजना के किए गए राजनीतिक प्रदर्शनों से आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित होती है। सोशल मीडिया पर यूजर्स इस महिला के साहस की जमकर तारीफ कर रहे हैं और राजनीतिक दलों से जनता को असुविधा न करने की अपील कर रहे हैं।
नोट: यह लेख 22 अप्रैल, 2026 को सामने आई घटनाओं और विभिन्न समाचार एजेंसियों की रिपोर्ट्स पर आधारित है।


