राधे पटेल / गरियाबंद डिजिटल युग में जहां एक ओर सुविधाएं बढ़ी हैं, वहीं दूसरी ओर साइबर अपराध और सड़क हादसों के मामले भी तेजी से सामने आ रहे हैं। इसी पर लगाम लगाने और आम जनता को जागरूक करने के उद्देश्य से थाना शोभा क्षेत्र के अंतर्गत कन्या आश्रम परिसर में एक विशेष जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह शिविर पुलिस और परिवहन विभाग की एक शानदार संयुक्त पहल रही, जिसमें ग्रामीणों और युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

साइबर ठगी और हादसों से बचने के दिए गए टिप्स कार्यक्रम में मौजूद पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को स्पष्ट शब्दों में समझाया कि आज के समय में डिजिटल लेनदेन करते समय अत्यधिक सतर्कता बरतने की जरूरत है। किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपना ओटीपी (OTP) साझा न करें और मोबाइल पर आने वाले किसी भी संदिग्ध लिंक पर बिल्कुल क्लिक न करें। इसके अलावा, यातायात पुलिस ने सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने, कार में सीट बेल्ट लगाने और सड़क संकेतों का कड़ाई से पालन करने का महत्व समझाया।

250 युवाओं ने किया लर्निंग लाइसेंस के लिए आवेदन इस शिविर का सबसे बड़ा फायदा क्षेत्र के युवाओं को मिला। परिवहन विभाग द्वारा लगाए गए विशेष स्टॉल पर लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए कुल 250 आवेदन प्राप्त हुए। अधिकारियों ने मौके पर ही सभी आवेदकों के दस्तावेजों की जांच की और लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया।

इस अवसर पर एसडीओपी मैनपुर ओ.पी. कुजूर, थाना प्रभारी शोभा ज्ञानेश्वर सिंह गंगवाल, यातायात प्रभारी रामाधार मरकाम सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों ने प्रशासन की इस सकारात्मक पहल की जमकर सराहना की और कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से न केवल उन्हें सरकारी सुविधाओं का सीधा लाभ मिलता है, बल्कि वे अपराधों और हादसों के प्रति भी अधिक सतर्क होते हैं।


