जिड़ार : भीषण गर्मी के बीच जहां इंसान खुद पानी के लिए जूझता नजर आता है, वहीं जिड़ार के युवाओं ने मानवता और पर्यावरण संरक्षण की एक मिसाल पेश की है। गांव के युवाओं ने मिलकर पशु-पक्षियों के लिए पानी पीने हेतु विशेष टैंकों का निर्माण किया, जो इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है।
रचनात्मकता के साथ सेवा का संगम

इस पहल की खास बात सिर्फ पानी की व्यवस्था नहीं, बल्कि उसमें झलकती अनोखी कलाकारी भी है। स्थानीय चित्रकार धनराज सोनवानी ने अपनी कला से इन टैंकों को आकर्षक रूप दिया, जिससे ये न सिर्फ उपयोगी बल्कि देखने में भी बेहद सुंदर बन गए। टैंकों पर प्रकृति और जीव-जंतुओं से जुड़े चित्र उकेरे गए हैं, जो लोगों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हैं।

युवाओं की टीमवर्क ने किया कमाल
इस सराहनीय कार्य में छत्रपाल सिन्हा, डंकेश कुमार निषाद, डोलेश नागेश, लिवेन मरकाम, विष्णु नागेश और दुर्गेश कपिल सहित कई युवा साथियों ने सक्रिय योगदान दिया। सभी ने मिलकर श्रमदान करते हुए गांव के विभिन्न स्थानों पर ये पानी के टैंक स्थापित किए, ताकि अधिक से अधिक पशु-पक्षियों को इसका लाभ मिल सके।
गांववासियों ने की जमकर तारीफ
युवाओं की इस पहल को गांव के सभी लोगों ने खुलकर सराहा। ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह के कार्य न सिर्फ जीवों के लिए मददगार हैं, बल्कि समाज में जागरूकता भी बढ़ाते हैं। कई लोगों ने इसे प्रेरणादायक बताते हुए अन्य गांवों में भी इस तरह की पहल शुरू करने की बात कही।
पर्यावरण संरक्षण की ओर एक कदम
गर्मियों में पानी की कमी से जूझ रहे पशु-पक्षियों के लिए यह पहल किसी जीवनदान से कम नहीं है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की छोटी-छोटी कोशिशें पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में बड़ी भूमिका निभाती हैं।


