स्कूल जतन योजना स्कूल भवनों की मरम्मत और निर्माण की योजना के तहत कई स्कूल भवनों का निर्माण कार्य अधूरे
रिपोर्ट राधे पटेल मैनपुर गरियाबंद
गरियाबंद । जिले में मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना पिछली कांग्रेस सरकार द्वारा शुरू की गई स्कूल भवनों की मरम्मत और निर्माण की योजना के तहत कई स्कूल भवनों का निर्माण कार्य अधूरा चल रहा है। यह समस्या खासकर मैनपुर ब्लॉक में गंभीर है, जहां ट्राइबल और शिक्षा विभाग के बीच समन्वय की कमी तथा फंड रिलीज में देरी के कारण कार्य रुका होना बताया जा रहा हैं। हाल की स्थिति बता दे कि नवंबर 2025 की रिपोर्ट्स के अनुसार, मैनपुर ब्लॉक में 114 कार्यों की स्वीकृति मिली थी, जिनमें से 97 अभी भी अधूरे हैं। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद फिनिशिंग कार्य जैसे पुताई, दरवाजे-खिड़कियां नहीं हुए हैं। कुछ गांवों जैसे नयापारा, मगररोड़ा, देवडोंगर बेसराझर हथौड़ादीही कुकरार जिदार शोभा भूतबेड़ा गरीबा मोतीपानी जैसे ग्रामों में ग्रामीण खुद चंदा और श्रमदान से अधूरे भवनों को पूरा करने की कोशिश कर रहे हैं, क्योंकि बच्चे पुराने या असुरक्षित भवनों में पढ़ने को मजबूर हैं। दिसंबर 2025 में गरियाबंद कलेक्टर ने समाचार रिपोर्ट्स का संज्ञान लेते हुए स्कूल जतन योजना के निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति की जांच के लिए समिति गठित की है। इससे समस्या की गंभीरता का पता चलता है। हाल ही में दिसंबर 2025 कुछ ग्रामीणों ने अधूरे स्कूल भवनों को पूरा करने की मांग को लेकर NH-130C पर चक्काजाम किया, जिसमें स्कूल निर्माण एक प्रमुख मुद्दा था। ग्रामीणों की नाराजगी और आंदोलन की चेतावनी
और ग्रामीणों में गुस्सा है। कई जगहों पर पालक और ग्रामीण कह रहे हैं कि अगर जल्द भवन पूरे नहीं हुए तो बड़ा आंदोलन करेंगे। अभी तक बड़े स्तर पर आंदोलन की खबर नहीं है, लेकिन चक्काजाम जैसी घटनाएं और जांच समिति का गठन दर्शाता है कि दबाव बढ़ रहा है। विभागीय खींचतान और फंड की कमी मुख्य कारण बताए जा रहे हैं।
प्रशासन अब जांच कर रहा है, उम्मीद है कि जल्द कार्य पूरा हो जाएगा।

मैनपुर ब्लॉक में मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना के अधूरे कार्यों की विस्तृत जानकारी
गरियाबंद जिले के मैनपुर विकासखंड में मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना जर्जर स्कूल भवनों की मरम्मत और नए निर्माण की योजना के तहत कई कार्य लंबे समय से अधूरे पड़े हैं। यह योजना मुख्य रूप से आदिवासी बहुल क्षेत्रों में स्कूलों की स्थिति सुधारने के लिए शुरू की गई थी, लेकिन विभागीय समन्वय की कमी खासकर ट्राइबल और शिक्षा विभाग के बीच और फंड उपयोग में अनियमितताओं के कारण प्रगति रुकी हुई है।

मुख्य आंकड़े नवंबर 2025 तक की रिपोर्ट्स के आधार पर कुल स्वीकृत कार्य 114 अभी भी अधूरे कार्य 97 खर्च हुई राशि लगभग 994.84 लाख रुपये करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद फिनिशिंग कार्य नहीं हुए है प्रभावित स्कूल वनांचल क्षेत्र के 60 से अधिक स्कूल भवन जहां मुख्य रूप से फिनिशिंग कार्य पुताई, दरवाजे-खिड़कियां, फ्लोरिंग, प्लास्टर आदि अधूरे हैं।
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*रिपोर्ट राधे पटेल मैनपुर गरियाबंद*
प्रमुख उदाहरण और प्रभावित क्षेत्र में नयापारा बजाड़ी पंचायत का आश्रित पारा 2022 में अतिरिक्त कक्ष के लिए 14 लाख रुपये स्वीकृत। सामने की दीवार की पुताई कर बाहर से पूरा दिखाया गया, लेकिन अंदर फिनिशिंग अधूरी ग्रामीण खुद 500-500 रुपये चंदा जुटाकर और श्रमदान से काम पूरा कर रहे हैं। यहां 45 बच्चे पढ़ते हैं, जो पुराने असुरक्षित भवन में जा रहे हैं। जहां मगर रोड़ा, देवडोंगर, जयंती नगर सहित कई गांव इनमें भी फिनिशिंग कार्य बाकी। ठेकेदारों ने 9 बार टेंडर के बावजूद काम नहीं लिया या अधूरा छोड़ा।
अभी भी बच्चे जर्जर या अधूरे भवनों में पढ़ने को मजबूर है कुछ जगहों पर बाहर की दीवार चमकदार लेकिन अंदर काम अधूरा छोड़ा गया है।
इस तरह प्रशासनिक कार्रवाई दिसंबर 2025 तक गरियाबंद कलेक्टर बीएस उइके ने समाचार रिपोर्ट्स का संज्ञान लेते हुए स्कूल जतन योजना के निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति की जांच के लिए समिति गठित की है। जिसमें समिति विशेष रूप से मैनपुर ब्लॉक के स्कूल भवनों की जांच करेगी। जहां जिला पंचायत में भी जांच समिति गठित करने का प्रस्ताव पारित हुआ, दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
वही इस मुद्दे नवंबर 2025 में शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मैनपुर क्षेत्र के स्कूलों का औचक निरीक्षण किया, जहां समस्याएं सामने आईं।ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ रही है, कुछ जगहों पर आंदोलन की चेतावनी दी गई है। यह स्थिति आदिवासी बच्चों की शिक्षा पर सीधा असर डाल रही है। जांच समिति की रिपोर्ट आने के बाद कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है।


