
गरियाबंद, 24 मार्च 2026। जिले में पर्यटन विकास को नई गति देने के उद्देश्य से कलेक्टर बीएस उइके ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जिला स्तरीय पर्यटन समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। इस बैठक में जिले के संभावित पर्यटन स्थलों के विकास, सुविधाओं के विस्तार और नई योजनाओं के क्रियान्वयन पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में सीतानदी-उदंती टाइगर रिजर्व के उप संचालक वरुण जैन, जिला पंचायत सीईओ प्रखर चंद्राकर, डीएसपी निशा सिन्हा, डिप्टी कलेक्टर नेहा भेड़िया, अंत्यवसायी अधिकारी रश्मि गुप्ता सहित कई अधिकारी और समिति सदस्य उपस्थित रहे।
प्राकृतिक संसाधनों से बढ़ेगा पर्यटन
कलेक्टर ने कहा कि गरियाबंद जिले में प्राकृतिक सौंदर्य और पर्यटन की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। इनका सही उपयोग कर जिले को पर्यटन हब के रूप में विकसित किया जा सकता है। इसके लिए सभी विभागों के समन्वय और सहयोग की आवश्यकता होगी।
तौरेंगा जलाशय बनेगा नया आकर्षण
बैठक में तौरेंगा जलाशय में नौकायन और नौकाविहार शुरू करने पर विशेष चर्चा हुई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि पर्यटकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लाइफ जैकेट, प्रशिक्षित नाविक और सुरक्षा मानकों को अनिवार्य रूप से लागू किया जाए।
उन्होंने कहा कि यदि सही तरीके से विकास किया गया, तो तौरेंगा जलाशय जिले का प्रमुख पर्यटन केंद्र बन सकता है।
नए पर्यटन स्थलों की पहचान
दूसरे चरण में अधिकारियों ने संभावित नए पर्यटन स्थलों की सूची प्रस्तुत की। इन स्थलों को प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक महत्व और पहुंच की सुविधा के आधार पर प्राथमिकता दी जाएगी।
कलेक्टर ने सभी स्थलों का सर्वे कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
होमस्टे नीति से मिलेगा रोजगार
बैठक में होमस्टे नीति 2025-30 के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी जोर दिया गया। कलेक्टर ने कहा कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
होटल पंजीयन पर जोर
छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के तहत जिले के सभी निजी होटल, लॉज, रिसॉर्ट और होमस्टे का पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इससे पर्यटन सेवाओं में पारदर्शिता और गुणवत्ता बढ़ेगी, जिससे पर्यटकों का विश्वास भी मजबूत होगा।
इन क्षेत्रों पर विशेष फोकस
कलेक्टर ने सिकासेर, भाठीगढ़ और आमामोरा को प्रमुख पर्यटन स्थलों के रूप में विकसित करने के लिए कार्ययोजना तैयार कर शासन को भेजने के निर्देश दिए।

