गरियाबंद (छत्तीसगढ़)| जिले में नशे के बढ़ते जाल को पूरी तरह खत्म करने के लिए प्रभारी सचिव श्रीमती आर. संगीता ने आज एनकॉर्ड (NCORD) की महत्वपूर्ण बैठक में कड़े तेवर दिखाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि मादक पदार्थों की तस्करी और बिक्री पर लगाम लगाने के लिए अब पुलिस, राजस्व और आबकारी विभाग को एक टीम बनकर ‘संयुक्त स्ट्राइक’ करनी होगी।

एजुकेशन हब के आसपास ‘नो टॉलरेंस’
बैठक में सबसे बड़ा फैसला शैक्षणिक संस्थानों की सुरक्षा को लेकर लिया गया। प्रभारी सचिव ने निर्देश दिए कि सभी स्कूलों और कॉलेजों के 500 मीटर के दायरे में किसी भी तरह के नशीले पदार्थों की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि इस नियम का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई की जाए जो दूसरों के लिए नजीर बने।
संयुक्त टीम करेगी ‘सतत मॉनिटरिंग’

श्रीमती संगीता ने पुलिस अधीक्षक और कलेक्टर की मौजूदगी में कहा कि केवल कागजों पर कार्रवाई से काम नहीं चलेगा। उन्होंने संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर विशेष निगरानी टीमों (Monitoring Teams) के गठन का आदेश दिया। ये टीमें अवैध गतिविधियों पर नजर रखेंगी और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करेंगी।
सिर्फ गिरफ्तारी नहीं, ‘पुनर्वास’ पर भी जोर
प्रभारी सचिव ने मानवीय पहलू पर जोर देते हुए कहा कि जो लोग नशे की लत के शिकार हो चुके हैं, उन्हें समाज की मुख्यधारा में वापस लाना जरूरी है। इसके लिए उन्होंने:
नशा मुक्ति केंद्रों के माध्यम से पुनर्वास को प्राथमिकता देने।
युवाओं के लिए खेल और सकारात्मक गतिविधियों को बढ़ावा देने।
स्वास्थ्य जांच शिविर और काउंसलिंग सत्र आयोजित करने के निर्देश दिए।
प्रशासनिक अमला रहा मौजूद
बैठक में कलेक्टर श्री बी.एस. उइके, एसपी श्री वेदव्रत सिरमौर, डीएफओ श्री शशिगानंदन के. और जिला पंचायत सीईओ श्री प्रखर चंद्राकर सहित सभी संबंधित विभागों के आला अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि गरियाबंद को नशा मुक्त बनाना अब उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।


