Close Menu
    What's Hot

    18 वर्षों बाद बुढ़ालपेन कुंडामिलान (डूमा) जात्रा, 35 गांवों को न्यौता, गोपालपुर में मेला जैसा माहौल

    29/03/2026

    MI vs KKR IPL 2026: वानखेड़े में आज भिड़ंत, बुमराह की वापसी से मुंबई मजबूत, रहाणे की कप्तानी में कोलकाता की चुनौती

    29/03/2026

    गरियाबंद: लाल आतंक से शांति तक का सफर, लेकिन क्या कहानी पूरी हो चुकी है?

    29/03/2026
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram
    newsveb.com
    Sunday, March 29
    • होम
    • देश – विदेश
    • छत्तीसगढ़
    • राजनीति
    • मनोरंजन
    • खेल
    • उद्योग
    • अन्य
    newsveb.com
    Home»गरियाबंद»एसडीओ की गाड़ी में लकड़ी परिवहन,बेटे की ड्राइविंग और वन विभाग की चुप्पी पर सवाल
    गरियाबंद

    एसडीओ की गाड़ी में लकड़ी परिवहन,बेटे की ड्राइविंग और वन विभाग की चुप्पी पर सवाल

    Radheshyam PatelBy Radheshyam Patel06/02/2026
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    एसडीओ की गाड़ी में लकड़ी परिवहन,बेटे की ड्राइविंग और वन विभाग की चुप्पी पर सवाल

    राष्ट्रीय पक्षी मोर के दाह संस्कार_प्रोटोकॉल में बड़ी चूक


    गरियाबंद। उदंती–सीता नदी टाइगर रिज़र्व में अवैध लकड़ी परिवहन का एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसने वन विभाग की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। दिनांक 01 फरवरी 2026 को स्थानीय पत्रकारों को मिली गुप्त सूचना के आधार पर इस पूरे घटनाक्रम का खुलासा हुआ। सूचना में लकड़ी कटाई का स्थान, परिवहन में प्रयुक्त विभागीय गाड़ी, चालक का नाम और संभावित रूट की पूरी जानकारी शामिल थी, जो सीधे सीसीएफ सतो बिसा समाजदार को दी गई थी।


    इसके बावजूद सीसीएफ द्वारा भेजी गई राज्य स्तरीय टीम को चकमा देते हुए संबंधित सरकारी जिप्सी वाहन दो-दो नाकों से बिना किसी जांच के एनएच-130 सी से तेज़ रफ्तार में निकल गई। यह स्थिति न केवल निगरानी व्यवस्था की विफलता को दर्शाती है, बल्कि विभागीय लापरवाही या अंदरूनी मिलीभगत की आशंका भी पैदा करती है।
    बाद में उदंती–सीता नदी टाइगर रिज़र्व के उपनिदेशक वरुण कुमार जैन के मार्गदर्शन में उनकी टीम ने उक्त गाड़ी को रोका। मौके पर विधिवत जांच के बाद पी.ओ.आर. (प्रकरण अपराध रजिस्टर) दर्ज किया गया और विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई। जांच में सामने आया कि लकड़ी परिवहन से संबंधित कोई वैध परमिट या पास मौजूद नहीं था।

    https://newsveb.com/wp-content/uploads/2026/02/VID-20260206-WA0300-1.mp4

     

    जांच के दौरान यह भी स्पष्ट हुआ कि उक्त सरकारी जिप्सी एसडीओ गोपाल कश्यप के अधीन थी और उसे उनका पुत्र गिरिजा शंकर कश्यप चला रहा था। वाहन में उसके साथ आदित्य सोम, घनश्याम कंवर नामक दो दैनिक श्रमिक मौजूद थे। पूछताछ में चालक द्वारा यह कहा गया कि लकड़ी को विभाग के रेस्ट हाउस ले जाया जा रहा था ।
    हालांकि, घटना के बाद रात करीब 8 बजे वन विभाग द्वारा जारी प्रेस नोट में यह दावा किया गया कि गाड़ी में लाई जा रही जलाऊ लकड़ी एक मृत राष्ट्रीय पक्षी मोर के दाह संस्कार के लिए थी। यह दावा मौके पर दिए गए बयान से मेल नहीं खाता, जिससे विभागीय सफाई की विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं। स्वयं सीसीएफ सतोबिसा समाजदार ने भी स्वीकार किया कि “सरकारी गाड़ी में लकड़ी का परिवहन गलत है। इसका पीओआर काटा गया है और उच्च स्तरीय जांच की जाएगी।”

    https://newsveb.com/wp-content/uploads/2026/02/VID-20260206-WA0302.mp4

     

    मोर के दाह संस्कार को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। वन विभाग अब तक मृत मोर की जियो-टैग फोटो सार्वजनिक नहीं कर सका है, जबकि स्थानीय पत्रकार को प्राप्त तस्वीरों में मोर को न्यूज़ पेपर पर रखकर फोटो खींचते हुए दिखाया गया है, जो राष्ट्रीय पक्षी के सम्मान और निर्धारित प्रोटोकॉल के विपरीत प्रतीत होता है।

    गौरतलब है कि मोर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की अनुसूची- I में संरक्षित है। नियमों के अनुसार राष्ट्रीय पक्षी की मृत्यु होने पर उसका अंतिम संस्कार पूर्ण सम्मान, राष्ट्रीय ध्वज में लपेटकर, वन विभाग के कर्मचारियों को बाकायदा अपने यूनिफॉर्म के साथ सलामी देते हुए और अन्य निर्धारित प्रक्रिया के तहत किया जाना अनिवार्य है। सामने आए तथ्यों से यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा कि इन नियमों का पालन किया गया या नहीं।

    इस पूरे मामले पर विधायक बिंद्रा नवागढ़ जनक ध्रुव ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि “एसडीओ की गाड़ी से लकड़ी का परिवहन और मोर के दाह संस्कार में हुई अवहेलना को लेकर मैं विधानसभा में प्रश्न उठाऊंगा।” वहीं, जनपद मैनपुर के वन विभाग सभापति परमेश्वर मालू का कहना है कि “जब विभागीय बैठक बुलाने की बात आती है तो समय की कमी बताकर टाल दिया जाता है, लेकिन ऐसे कार्यों के लिए समय मिल जाता है।”
    अब पूरे प्रदेश की जनता का नजर इस कार्रवाई के ऊपर टिकी हुई है ।

    • https://newsveb.com/wp-content/uploads/2026/02/VID-20260206-WA02981.mp4

    अब देखना ये है कि किस पर कार्यवाही होती है या कागजी घोड़ा की रफ्तार कितनी धीमी पड़ जाएगी । और सरकारी वाहन के साथ सरकारी ईंधन का भी दुरुपयोग धड़ल्ले होता नजर आ रहा ।

    Radheshyam Patel
    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp

    Related Posts

    18 वर्षों बाद बुढ़ालपेन कुंडामिलान (डूमा) जात्रा, 35 गांवों को न्यौता, गोपालपुर में मेला जैसा माहौल

    29/03/2026

    गरियाबंद: लाल आतंक से शांति तक का सफर, लेकिन क्या कहानी पूरी हो चुकी है?

    29/03/2026

    गरियाबंद: आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति के लिए जिला प्रशासन अलर्ट, तीन सदस्यीय निगरानी समिति गठित

    28/03/2026
    Don't Miss

    18 वर्षों बाद बुढ़ालपेन कुंडामिलान (डूमा) जात्रा, 35 गांवों को न्यौता, गोपालपुर में मेला जैसा माहौल

    Radheshyam Patel29/03/2026

    गरियाबंद | मैनपुरखुर्द {रिपोर्ट-राधे पटेल } छत्तीसगढ़ की समृद्ध आदिवासी परंपरा और गौड़ी संस्कृति का…

    MI vs KKR IPL 2026: वानखेड़े में आज भिड़ंत, बुमराह की वापसी से मुंबई मजबूत, रहाणे की कप्तानी में कोलकाता की चुनौती

    29/03/2026

    गरियाबंद: लाल आतंक से शांति तक का सफर, लेकिन क्या कहानी पूरी हो चुकी है?

    29/03/2026

    गरियाबंद: आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति के लिए जिला प्रशासन अलर्ट, तीन सदस्यीय निगरानी समिति गठित

    28/03/2026
    Stay In Touch
    • Facebook
    • Twitter
    • Pinterest
    • Instagram
    • YouTube
    • Vimeo

    About Us

    Name: Radhe Shyam Patel (राधेश्याम पटेल)
    Mobile: +91 79874 78036

    Address:
    Tehsil & Police Station – Mainpur,
    District – Gariaband, Chhattisgarh

    Important Pages

    • Privacy Policy
    • Term & Conditions
    • Disclaimer
    • About Us
    • Contact Us

    Most Popular

    18 वर्षों बाद बुढ़ालपेन कुंडामिलान (डूमा) जात्रा, 35 गांवों को न्यौता, गोपालपुर में मेला जैसा माहौल

    29/03/2026

    MI vs KKR IPL 2026: वानखेड़े में आज भिड़ंत, बुमराह की वापसी से मुंबई मजबूत, रहाणे की कप्तानी में कोलकाता की चुनौती

    29/03/2026

    गरियाबंद: लाल आतंक से शांति तक का सफर, लेकिन क्या कहानी पूरी हो चुकी है?

    29/03/2026

    © 2025 Newsveb. Designed by Nimble Technology.

    Facebook X (Twitter) WhatsApp YouTube

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.