मुंबई: ‘देसी गर्ल’ से ग्लोबल आइकन बनीं प्रियंका चोपड़ा जोनस आज किसी पहचान की मोहताज नहीं हैं। बॉलीवुड के शिखर पर रहते हुए अचानक हॉलीवुड का रुख करने के उनके फैसले ने उस वक्त सबको हैरान कर दिया था। सालों बाद, प्रियंका ने अब उन परिस्थितियों पर खुलकर बात की है जिन्होंने उन्हें भारत से अमेरिका जाने के लिए प्रेरित किया।
बॉलीवुड छोड़ना नहीं, बल्कि आगे बढ़ना था मकसद
अक्सर यह माना जाता था कि प्रियंका ने बॉलीवुड को पूरी तरह अलविदा कह दिया है, लेकिन अभिनेत्री ने इन चर्चाओं पर विराम लगाते हुए स्पष्ट किया कि उनका इरादा कभी भी हिंदी फिल्म इंडस्ट्री को छोड़ने का नहीं था।
प्रियंका के अनुसार, वह एक कलाकार के तौर पर नये और चुनौतीपूर्ण अवसरों की तलाश में थीं। उन्होंने साझा किया:
“मैं बॉलीवुड छोड़ना नहीं चाहती थी, लेकिन मुझे ऐसे मौके चाहिए थे जो मुझे उत्साहित करें। मैं अपने करियर में आगे बढ़ना चाहती थी और उसी दौरान मुझे अमेरिका में काम करने का अवसर मिला।”
क्यों महसूस किया ‘सीमित’?
प्रियंका ने बताया कि एक समय ऐसा आया जब उन्हें लगने लगा कि वह हिंदी फिल्मों में खुद को सीमित (limited) महसूस कर रही हैं। वह अपनी सीमाओं को लांघकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा को आजमाना चाहती थीं।
‘मैरी कॉम’ से ‘क्वांटिको’ तक का सफर
साल 2015 प्रियंका के करियर का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। मैरी कॉम, दिल धड़कने दो और बाजीराव मस्तानी जैसी बैक-टू-बैक सुपरहिट फिल्में देने के बाद उन्होंने हॉलीवुड की ओर कदम बढ़ाया।
ऐतिहासिक उपलब्धि: अमेरिकी थ्रिलर सीरीज ‘क्वांटिको’ में मुख्य भूमिका (एलेक्स पैरिश) निभाकर वह किसी अमेरिकी नेटवर्क ड्रामा सीरीज को हेडलाइन करने वाली पहली दक्षिण एशियाई अभिनेत्री बनीं।
वैश्विक पहचान: इस शो की सफलता ने उनके लिए हॉलीवुड के बड़े प्रोजेक्ट्स के दरवाजे खोल दिए।
दोनों इंडस्ट्री के बीच संतुलन
प्रियंका ने साफ किया कि उनके दिल में आज भी भारत के लिए उतना ही प्यार है। वह किसी एक इंडस्ट्री को चुनकर दूसरी को छोड़ना नहीं चाहतीं, बल्कि दोनों के बीच एक मजबूत संतुलन बनाना चाहती हैं।
| पहलू | प्रियंका का नजरिया |
| भारतीय सिनेमा | अपनी जड़ों और भारतीय काम से बेहद प्यार है। |
| अंतरराष्ट्रीय काम | दो अलग-अलग संस्कृतियों के बीच काम करने का आनंद। |
| भविष्य की योजना | दोनों फिल्म इंडस्ट्री के बीच सामंजस्य बिठाना। |
प्रियंका के शब्दों में, “मैं भारत में अपने काम से बेहद प्यार करती हूं। मैं दो अलग-अलग संस्कृतियों के बीच काम करने का आनंद लेती हूं। मैं इनमें से किसी एक को चुनना नहीं चाहती।”
निष्कर्ष: भारतीय प्रतिभा की वैश्विक पहचान
आज प्रियंका चोपड़ा न केवल एक सफल अभिनेत्री हैं, बल्कि वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय सिनेमा का चेहरा बन चुकी हैं। उन्होंने साबित कर दिया है कि एक कलाकार के लिए भौगोलिक सीमाएं मायने नहीं रखतीं।
उनके इस खुलासे ने उन सभी अफवाहों पर विराम लगा दिया है जिनमें कहा जा रहा था कि उन्होंने बॉलीवुड से मुंह मोड़ लिया है। फैंस को अब बस इंतजार है तो उनकी अगली बड़ी बॉलीवुड फिल्म का।


