मैनपुर (गरियाबंद ): कहते हैं कि पद और कुर्सियां तो आती-जाती रहती हैं, लेकिन जो व्यक्ति अपने व्यवहार से लोगों के दिलों में जगह बना ले, वही असली ‘धरोहर’ कहलाता है। कुछ ऐसा ही नजारा आज नवीन शासकीय महाविद्यालय मैनपुर में देखने को मिला, जहाँ सहायक ग्रेड-1 श्री महेश कुमार कश्यप को उनकी 32 वर्षों की शानदार सेवाओं के बाद एक भावुक और गरिमामय समारोह में विदाई दी गई।

कर्तव्यनिष्ठा और मिलनसार व्यक्तित्व का संगम
शासकीय सेवा के तीन दशक से ज्यादा का समय गुजारना और हर जगह अपनी अमिट छाप छोड़ना कोई मामूली बात नहीं है। श्री कश्यप की पदस्थापना पत्थलगांव से शुरू होकर शंकर नगर रायपुर, धरसीवां, और कुरूद जैसे महत्वपूर्ण महाविद्यालयों में रही। पिछले 10 वर्षों से वे मैनपुर महाविद्यालय की प्रगति में एक मजबूत स्तंभ की तरह डटे रहे। उनके प्रशासनिक कौशल और सुव्यवस्थित कार्यशैली ने न केवल संस्थान को नई ऊंचाइयों पर पहुँचाया, बल्कि सहकर्मियों के लिए भी वे हमेशा एक मार्गदर्शक की भूमिका में रहे।
सम्मान में उमड़ा महाविद्यालय परिवार

विदाई समारोह में पूर्व प्राचार्य डॉ. बी. के. प्रसाद और वर्तमान प्राचार्य सनबरसन साहू ने श्री कश्यप के योगदान को याद करते हुए उन्हें ‘अनुशासन का पर्याय’ बताया। वक्ताओं ने कहा कि श्री कश्यप ने सदैव जिम्मेदारी, निष्ठा और ईमानदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया। उनके मिलनसार स्वभाव ने महाविद्यालय के वातावरण को हमेशा सकारात्मक बनाए रखा।
स्मृति चिन्ह और स्नेह की भेंट

इस विशेष अवसर पर महाविद्यालय परिवार की ओर से श्री कश्यप को शॉल, श्रीफल, अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में श्रीमती सुधा कश्यप, प्राध्यापकगण और भारी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे, जिनकी मौजूदगी इस बात का प्रमाण थी कि श्री कश्यप केवल एक कर्मचारी नहीं, बल्कि सभी के प्रिय अभिभावक समान थे।
भावुक हुए श्री कश्यप: “स्नेह ही असली पूंजी”
अपने विदाई संबोधन में श्री कश्यप थोड़े भावुक नजर आए। उन्होंने अपने अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि, “महाविद्यालय परिवार से जो मान-सम्मान और सहयोग मुझे मिला है, वह मेरे जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है।” कार्यक्रम के अंत में उनके सम्मान में एक भव्य भोज का आयोजन भी किया गया।
इस अवसर पर सतऊ राम नेताम, माधुरी साहू, जय श्री वर्मा, गायत्री मरकाम, संगीता टोडर, बादल कुजूर, संजय रामटेके, गणेश राम सहित समस्त स्टाफ ने उनके सुखद और स्वास्थ्यवर्धक सेवानिवृत्त जीवन की कामना की।


