राधे पटेल / गरियाबंद गरियाबंद : देवभोग ब्लॉक से एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है, जो सीधे तौर पर गरीब कर्मचारियों के शोषण से जुड़ा है। आबकारी विभाग के अंतर्गत काम करने वाले सिक्योरिटी गार्ड्स से ड्रेस (वर्दी) के नाम पर मनमानी रकम वसूलने की कोशिश की जा रही है, जिससे कर्मचारियों में भारी आक्रोश और निराशा है।
2 हजार की ड्रेस के 11 हजार रुपये की मांग प्राप्त जानकारी के अनुसार, सामान्य तौर पर एक सिक्योरिटी गार्ड की ड्रेस बाजार में आसानी से 2 से 3 हजार रुपये में मिल जाती है। लेकिन, इस बार जिला डीओ (DO) का हवाला देकर इन गार्ड्स से लगभग 11 हजार रुपये की मांग की जा रही है।
देवभोग ब्लॉक में आबकारी विभाग के तहत लगभग 36 सिक्योरिटी गार्ड तैनात हैं। हैरत की बात यह है कि एक सिक्योरिटी गार्ड महीने में 240 घंटे ड्यूटी करता है, तब जाकर उसे लगभग 11 हजार रुपये का मासिक मेहनताना मिलता है। अब इन कर्मचारियों पर अपनी पूरे महीने की गाढ़ी कमाई सिर्फ एक ड्रेस के लिए एकमुश्त देने का दबाव बनाया जा रहा है। पिछले साल यही ड्रेस कर्मचारियों को 5 हजार रुपये में दी गई थी, लेकिन इस बार कीमत दोगुनी से भी ज्यादा कर दी गई है।
नौकरी जाने का डर, सहमे हैं कर्मचारी इस भारी आर्थिक बोझ के बावजूद कोई भी गार्ड खुलकर विरोध नहीं कर पा रहा है। सूत्रों का कहना है कि कर्मचारियों को शिकायत करने पर नौकरी से निकाल देने की धमकी दी जा रही है। अपनी रोजी-रोटी छिन जाने के डर से गार्ड मजबूरी में चुपचाप अधिक कीमत देने को विवश हो रहे हैं।
गोपनीय शिकायत की तैयारी भले ही कर्मचारी खुलकर सामने नहीं आ पा रहे हैं, लेकिन अंदर ही अंदर इस अन्याय के खिलाफ रूपरेखा तैयार की जा रही है। जानकारी मिली है कि पीड़ित सिक्योरिटी गार्ड्स अब आबकारी विभाग की सचिव आर. संगीता को एक गोपनीय पत्र लिखकर इस पूरे मामले की शिकायत करने की तैयारी में हैं। उन्हें उम्मीद है कि उच्च अधिकारियों के संज्ञान में मामला आने के बाद उन्हें न्याय मिलेगा और इस अनावश्यक आर्थिक बोझ से राहत मिलेगी।


