राधे पटेल / गरियाबंद बड़ा खुलासा! बाजार में खुलेआम बिक रहा नकली दूध, पनीर और तेल आज हर घर की समस्या बन चुका है। लेकिन जब देश के कुछ जागरूक सोशल मीडिया क्रिएटर्स ने इसके खिलाफ आवाज उठाई और राष्ट्रीय खाद्य नियामक FSSAI (भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण) की मॉनिटरिंग पर सवाल खड़े किए, तो उन पर ही कानूनी गाज गिर गई है।
चौंकाने वाला मामला यह है कि 24 मार्च को FSSAI के एक अधिकारी डॉ. संजय कुमार की शिकायत पर दिल्ली पुलिस ने आईपी एस्टेट पुलिस स्टेशन में कई प्रमुख सोशल मीडिया अकाउंट्स के खिलाफ FIR दर्ज की है।
इन पर हुई है कार्रवाई:
जिन यूजर्स के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है, उनमें @khurpenchh, @YTKDIndia, @gemsofbabus_, @IamTheStory_ और मशहूर यूट्यूबर नलिनी उनागर (@NalinisKitchen) शामिल हैं।
FSSAI का क्या आरोप है?
शिकायतकर्ता के अनुसार, ये कंटेंट क्रिएटर्स एक “बेहद समन्वित” (highly coordinated) अभियान चला रहे हैं, जिसका मकसद खाद्य नियामक संस्था की छवि को धूमिल करना है। पुलिस जांच में यह बात भी सामने आई है कि इन यूजर्स ने कुछ “अत्यधिक गोपनीय” दस्तावेजों को सार्वजनिक किया है और कथित तौर पर कुछ दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ भी की गई है।
क्रिएटर्स का क्या कहना है?
यूट्यूबर नलिनी उनागर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपना दर्द बयां करते हुए (जिसे बाद में डिलीट कर दिया गया) लिखा था: “बाजार में नकली दूध, पनीर, सब्जियां और तेल खुलेआम बिक रहे हैं, पूरे FSSAI विभाग को बाहर निकाल देना चाहिए क्योंकि ऐसा लगता है कि भारत में उनका वजूद ही नहीं है। यह कोई निजी हमला नहीं है, बल्कि यह उन 140 करोड़ भारतीयों का गुस्सा है जिन्हें रोज नकली खाना परोसा जा रहा है।” वहीं एक अन्य यूजर @khurpenchh ने कानूनी कार्रवाई का स्वागत करते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी कि यदि यह कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ती है, तो कोर्ट में FSSAI के अधिकारी “खुद बेनकाब हो जाएंगे।”
अभी-अभी क्या हुआ?
दिल्ली पुलिस ने इस मामले में धारा 94 (दस्तावेज पेश करने के लिए समन) के तहत FIR दर्ज कर ली है और FIR में नामजद सभी सोशल मीडिया अकाउंट्स के मालिकों को समन भेजना शुरू कर दिया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि यह मामला कोर्ट में क्या मोड़ लेता है—क्या यह सिर्फ एक नियामक संस्था की छवि बचाने की कोशिश है या वाकई देशवासियों के स्वास्थ्य से जुड़ा कोई बड़ा भ्रष्टाचार?


