मैनपुर |रिपोर्ट राधे पटेल :- छत्तीसगढ़ के मैनपुर में कानून का इकबाल एक बार फिर बुलंद होता दिख रहा है। नगर की फिजां बदलने के लिए मैनपुर पुलिस ने ‘ऑपरेशन क्लीन’ के तहत जो मोर्चा संभाला है, उसने असामाजिक तत्वों की नींद उड़ा दी है। कभी शाम ढलते ही शराबियों का अड्डा बन जाने वाले तालाब और बाजार अब सुरक्षित और व्यवस्थित नजर आने लगे हैं।

एक्शन मोड में खाकी: गश्त से थमी ‘जाम’ की महफिलें
थाना प्रभारी शिवशंकर हुर्रा के नेतृत्व में पुलिस की टीम अब मैदान में उतरकर सीधे मोर्चा संभाल रही है। कुछ दिनों पहले तक मैनपुर के सार्वजनिक तालाबों, बाजार चौक और मुख्य सड़कों के किनारे खुलेआम शराबखोरी आम बात थी। न केवल मदिरापान होता था, बल्कि कांच की बोतलें फोड़कर राहगीरों के लिए खतरा भी पैदा किया जाता था।
पुलिस की ताबड़तोड़ गश्त और सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने वालों के खिलाफ की गई सख्त कानूनी कार्रवाई ने अब इन ‘अड्डों’ को वीरान कर दिया है। पुलिस का संदेश साफ है—सड़कें चलने के लिए हैं, शराब पीने के लिए नहीं।
अवैध कारोबारियों की ‘चेन’ टूटी

पुलिस की यह कार्रवाई केवल सार्वजनिक स्थानों पर दंड देने तक सीमित नहीं है। सूत्रों के अनुसार, थाना प्रभारी ने अवैध शराब की बिक्री और गांजा तस्करों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है।
सख्ती का असर: अवैध परिवहन पर कड़ी निगरानी।
नकेल: चिन्हित तस्करों के ठिकानों पर छापेमारी।
परिणाम: तस्करी के सिंडिकेट में हड़कंप, कई पुराने अपराधी भूमिगत।
जनता की जुबानी: “अब सुरक्षित महसूस होता है”
पुलिस की इस मुस्तैदी का सबसे सकारात्मक असर आम नागरिकों पर पड़ा है। खासकर महिलाओं और बुजुर्गों के लिए शाम के समय बाहर निकलना अब आसान हो गया है।
“पहले बाजार और तालाब के किनारे से गुजरना मुश्किल होता था, शराबियों की बदतमीजी का डर रहता था। लेकिन अब पुलिस की टीम बार-बार चक्कर लगाती है, जिससे माहौल पूरी तरह बदल गया है।”
— एक स्थानीय निवासी
टीआई का कड़ा संदेश: “बख्शे नहीं जाएंगे अपराधी”
थाना प्रभारी शिवशंकर हुर्रा ने स्पष्ट कर दिया है कि पुलिस अब सिर्फ कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेगी। फील्ड पर एक्टिव फोर्स का लक्ष्य नगर में शांति व्यवस्था बहाल करना है। स्थानीय लोगों के बीच अब यह चर्चा आम है कि “मैनपुर में कानून का डर लौट आया है।”
अंतिम चेतावनी: पुलिस प्रशासन ने साफ कर दिया है कि यदि कोई भी व्यक्ति सार्वजनिक मर्यादा भंग करते या अवैध नशीले पदार्थों के कारोबार में संलिप्त पाया गया, तो उस पर गैर-जमानती धाराओं के तहत कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।



